खूब रही सूरन की मांग
दीपावली पर घरों में तरह-तरह के स्वादिष्ट पकवान तो बने ही,परंपरा के मुताबिक ज्यादातर घरों में ओल, सूरन की सब्जी और पकौड़ी भी बनाई गई। सब्जी मंडियों में सूरन की अधिक मांग रही। छोटे बाजारों में भी ठेले पर सूरन बिके।
संगम पर सजीं दीपमालाएं, रंगोलियों से दमका हर कोना
दीपोत्सव पर बलुआघाट, गऊघाट और बरगद घाट दीपमालाओं की लड़ियों से जगमगा उठा। संगम की रेती से लेकर गंगा, यमुना, विलुप्त सरस्वती की सुरम्य लहरों तक तैरते दीयों से धरा पर तारामंडल सरीखी छटा हर किसी का ध्यान खींचने लगी। सांझ ढलने के साथ ही दीप जलाने वालों की भीड़ लग गई। घर-घर से दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए लोग निकल पड़े। बच्चे, महिलाएं संगम पर गंगा, यमुना, सरस्वती के नाम से अलग-अलग दीये जला रहे थे। श्रद्धालुओं ने नावों से मध्यधारा में पहुंचकर दीये जलाए।