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चुनौतीपूर्ण : 12 वर्षीय लड़की की रीढ़ की हड्डी से ऑपरेशन करके निकाली सिस्ट

Thu, 31 Oct 2024 12:45 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मध्य प्रदेश के जिला सतना निवासी परी सिंह को आठ वर्ष की आयु से हाथ-पैर में कमजोरी की शिकायत थी। कुछ वर्ष बाद समस्या बढ़ती गई। इस दौरान परिजनों ने बच्ची को कई जगह दिखाया, पर कोई लाभ नहीं मिला।
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रीढ़ की हड्डी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शहर के एक निजी अस्पताल में 12 वर्षीय बच्ची की रीढ़ की हड्डी के मध्य भाग (डॉर्सल कॉर्ड) से नौ इंच लंबी सिस्ट निकालकर वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. प्रकाश खेतान ने एक कठिन ऑपरेशन किया है। अति संवेदनशील ऑपरेशन करीब 11 घंटे में पूरा हुआ, जिसमें बच्ची की रीढ़ की हड्डी को बिलकुल भी नुकसान नहीं पहुंचा।

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मध्य प्रदेश के जिला सतना निवासी परी सिंह को आठ वर्ष की आयु से हाथ-पैर में कमजोरी की शिकायत थी। कुछ वर्ष बाद समस्या बढ़ती गई। इस दौरान परिजनों ने बच्ची को कई जगह दिखाया, पर कोई लाभ नहीं मिला। 12 वर्ष की आयु में उसके पैर ने काम करना बंद कर दिया। यहां तक कि बच्ची को करवट तक लेना मुश्किल था।

एक महीने पहले परिजनों ने बच्ची को शहर के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. प्रकाश खेतान को दिखाया। जांच में पता चला कि रीढ़ की हड्डी के मध्य भाग में सिस्ट है। ऑपरेशन में दो समस्या बड़ी थी। रीढ़ की हड्डी को कोई नुकसान होता तो लड़की का शारीरिक विकास प्रभावित होता। इसके अलावा कूबड़ तक निकल सकता है।
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ऐसे में यह ऑपरेशन काफी सावधानी के साथ किया गया। लड़की के मध्य भाग की सात रीढ़ की हड्डी को काटकर निकाला गया और फिर सिस्ट को हटाकर वापस सातों हड्डियों को रीढ़ की हड्डी से जोड़ा गया। डॉ. खेतान ने बताया कि इस प्रकार की समस्या करीब दस लाख में से किसी एक को होती है। विदित हो कि वर्ष 2012 में ब्रेन से 296 सिस्ट निकालने पर डॉ. खेतान का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में है। 

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रीढ़ की हड्डी। - फोटो : अमर उजाला।
सिस्ट क्या है

शरीर के ऊतकों में तरल, मवाद या गैस से भरी थैलीनुमा संरचना को सिस्ट कहते हैं। यह एक विकृत ढांचा होता है। ज्यादातर सिस्ट शरीर में बिना किसी नुकसान के रह सकती है। सिस्ट को गांठ या पुटि भी कहते हैं।

लड़की जब मेरे पास आई, तब उसका एक कदम भी चलना मुश्किल था। यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था। अब लड़की पूरी तरह से ठीक है। तीन महीने के बाद वह अपने पैरों पर ठीक से चलने लगेगी। -  डॉ. प्रकाश खेतान, न्यूरो सर्जन।
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