दिवाली 2021 के लिए पंचदीप पर्व मंगलवार से शुरू हो जाएगा। धनतेरस पर सोने, चांदी के आभूषण, बर्तन आदि की खरीदारी होगी। इसके लिए बाजार दुल्हन की तरह सज गए हैं।
धनत्रयोदशी पर दो नवंबर को त्रिपुष्कर योग में धन, समृद्धि और वैभव की कामना से महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। इसी के साथ यम पंचक या पांच दिनी दीपपर्व आरंभ होगा। इस मौके पर सभी प्रकार की विपत्तियों और व्याधियों के नाश के निमित्त यम की प्रसन्नता के लिए घर के प्रवेश द्वार पर निशामुख दीपदान किया गया।
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ज्योतिर्विदों के अनुसार बुध-मंगल मिलकर धन योग और सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बन रहा है। ऐसे में तीन ग्रहों के योग वाले धनतेरस में मंगल-बुध की युति व्यापार के लिए शुभतादायी है। पर्व पर लोग अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार भूमि, भवन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान के अतिरिक्त रत्न, सोने, चांदी के आभूषण और बर्तनों की खरीद करेंगे।
पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही भगवान धनवंतरि का जन्म हुआ था। पर्व पर आरोग्य के देव धनवंतरि पूजे जाएंगे। आरोग्य भारती के काशी प्रांत की छठे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर एमएनएनआईटी परिसर में सुबह दस बजे से भगवान धनवंतरि जयंती समारोह मनाया जाएगा। विभाग संयोजक डॉ.एसके राय के मुताबिक मंडलायुक्त संजय गोयल मुख्य अतिथि होंगे।