महाकुंभ की पेशवाई हो, शाही स्नान या फिर कोई और शुभ कार्य, सबसे आगे गुरु के प्रतीक तौर पर संगत साहिब की सवारी चलती है।इसके पीछे संतों का कारवां चलता है। जगतार मुनि बताते हैं कि उदासीन संप्रदाय के संत पंचतत्व की पूजा करते हैं। उदासीन सिख साधुओं का संप्रदाय है। श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण के मौजूदा पंच प्रेसिडेंट श्रीमहंत धूनी दास हैं।दक्षिण पंगत के मुखिया महंत भगत राम पर महाकुंभ की जिम्मेदारी है।
उत्तर पंगत के मुखिया महंत सुरजीत मुनि हैं तो पूर्व पंगत के महंत आकाश मुनि और पश्चिम पंगत के मुखिया महंत मंगल दास हैं। अखाड़े के उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान आदि में डेरे और आश्रम हैं।आश्रमों की ओर से स्कूल, कॉलेजों का संचालन हो रहा है। साथ ही, संस्कृत महाविद्यालयों के जरिये वेद प्रचार भी किया जा रहा है।