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ठोकर से डिवाइडर, झटके से सड़कें उखड़ रहीं

Tue, 06 Nov 2018 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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विश्व पटल पर कुंभ को ‘महा आयोजन’ बताने वाली केंद्र-राज्य सरकारों के विभाग ही बेड़ागर्क करने पर आमादा हैं। कुंभ जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, निर्माण कार्य में लगीं कार्यदायी संस्थाओं की कलई खुलने लगी है। खुद भाजपा नेता ही गुणवत्ता पर प्रश्न उठा रहे हैं। आलम ये है कि शहर में बन रहे डिवाइडर मामूली ठोकर से गिर जा रहे हैं तो वाहनों के झटके से नवनिर्मित सड़कों की गिट्टियां उखड़ रही हैं। इसके अलावा अभी तक  अधिकतर इलाकों में निर्माण कार्य अधर में हैं। ऐसे में ‘चलो कुंभ चलें’ की अवधारणा को आघात पहुंच सकता है।
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देश के छह लाख गांवों और 192 देशों में श्रद्धालुओं को कुंभ में आने का न्योता भेजा जा चुका है। जनवरी माह के मध्य से शुरू हो रहे प्रथम मुख्य स्नान पर्व के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन, हालत ये है कि कहीं भी काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। कई जगह तो कार्यों की शुरुआत ही हो रही है। ऐसे में जाहिर है कि समय कम और काम ज्यादा के दबाव में गुणवत्ता को ताक पर रख दिया है। कार्यदायी विभाग मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। संगम व परेड क्षेत्र के बाहरी हिस्सों में ही स्थाई कार्य पूरे नहीं हो सके हैं। गड़बड़झाले की शिकायतें भी थोक के भाव में सामने आने लगीं हैं। लोग अब डीएम, कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक निर्माण कार्यों में हो रही लापरवाही के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

कुंभ मेले के अहम केंद्र अलोपीबाग, दारागंज, सोहबतियाबाग, बैरहाना, रामबाग, जंक्शन से लेकर प्रयाग स्टेशन तक सड़क-डिवाइडर बनाने, बिजली पोल आदि लगाने-बिछाने का काम अभी चल ही रहा है, काम कब पूरा होगा रामजाने। कुंभ के लिए जिस झूंसी, नैनी व फाफामऊ की ओर से श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में आना है, उधर भी सब उखड़ा पड़ा है। झूंसी जीटी रोड के किनारे से अभी तक दुकानों, मकानों तथा तरह-तरह के अन्य अतिक्रमणों को हटाने का काम पूरा नहीं हो सका है। नैनी व फाफामऊ की तरफ की भी यही स्थिति है। इन इलाकों में सबसे अधिक विलंब धार्मिक निर्माणों को हटाने तथा मकानों-दुकानों के मलबों को साफ करने में हो रहा है। इसके चलते कई प्रकार की केबल-पाइप व सड़क बिछाने का काम अटका हुआ है। सीवर से जुड़े कार्य तो कोढ़ में खाज की भूमिका अदा कर रहे हैं। सड़क, नाली-नाला निर्माण व फुटपाथों पर गुलाबी पत्थर बिछाने में कदम-कदम पर कार्य आधे-अधूरे और बिखरे पड़े हैं। जानकारों का कहना है कि यही हाल रहा तो कुंभ शुरू होने के पहले सरकार की किरकिरी शुरू हो जाएगी।
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इनसेट ...
एमजी मार्ग व जीटी रोड के काम लटके
शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस से सीएमपी डिग्री कॉलेज होते हुए मेला क्षेत्र के हर्ष तिराहे तक पहुंचाने वाले एमजी मार्ग व हाईकोर्ट से लेकर धोबी घाट चौराहे और आगे सोहबतियाबाग तथा जीटी जवाहर चौराहे तक सभी प्रमुख काम अधर में पड़े हैं। जबकि इन दोनों सड़कों पर कुंभ का भारी दबाव होगा। इसके बाद भी इन दोनों प्रमुख सड़कों पर स्थित चौराहों, रोड पटरी तथा डिवाइडर से जुड़े कार्य समेटे नहीं जा सके हैं।   

सोशल मीडिया में भी सरकारी मंशा पर सवाल
कुंभ से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोपों की फेहरिस्त लंबी है। सोशल मीडिया तक पर सरकार व सरकारी मशीनरी की मंशा लोगों के निशाने पर है। लोग बनते ही खराब हो रहीं सड़कों, डिवाइडरों व गिरते-बिखरते दूसरें कामों की फोटो फेसबुक व व्हाट्सएप ग्रुपों में डाल रहे हैं। जिस पर देश-दुनिया के कोने-कोने से लोग कमेंट कर रहे हैं।    
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