अस्पताल ले जाने के लिए नहीं मिली एंबुलेंस
सरकारी व्यवस्था किस तरह लापरवाह और संवेदनहीन हो गई है इसका नमूना शनिवार को एक बार फिर देखने को मिला। जिले में बचे आखिरी स्वतंत्रता सेनानी मकसूद उल्ला को भी कॉल्विन से स्वरूपरानी अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। अंत में प्राइवेट गाड़ी से ले जाया गया।
मकसूद उल्ला के पुत्र मोहज्जम मकसूद ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर वे लोग पहले कॉल्विन अस्पताल गए थे लेकिन वहां के डॉक्टरों ने स्वरूपरानी अस्पताल ले जाने के लिए कहा। इसके लिए एंबुलेंस को बुलाया गया। चिकित्सकों ने भी कई बार फोन किया, लेकिन जल्द एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई।
ऐसे में प्राइवेट गाड़ी से स्वरूपरानी ले गए। उनके निधन के बाद भी पार्थिव शरीर प्राइवेट गाड़ी से ही घर ले गए। मोहज्जम ने बताया कि मकसूद उल्ला को इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। उन्हें प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराने के लिए उन्होंने सुबह डीएम से मुलाकात की। डीएम ने प्राइवेट वार्ड में भर्ती के लिए लिखकर भी दे दिया था, लेकिन इससे पहले ही इंतकाल हो गया।