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जिला अदालत ने पहले दिन निपटाए 50 जमानत प्रार्थनापत्र

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लगभग डेढ़ माह से बंद जिला न्यायालय में शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई हुई। जमानत के लिए सूचीबद्ध 55 प्रार्थना पत्रों में लगभग 50 जमानत प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया गया। सुनवाई के बाद जिला जज ने आदेश सुरक्षित कर लिया है। शनिवार व रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्रों की पुन: सुनवाई की जाएगी।
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जिला न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई जिला जज उमेश कुमार शर्मा ने सुबह 10:30 से 12:30 के बीच नवनिर्मित न्याय भवन में बैठकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की। जिला न्यायालय के मुख्य परिसर में बनाए गए वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में बचाव पक्ष के अधिवक्ता और अभियोजन की ओर से डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने पक्ष प्रस्तुत किया। शुरू में अव्यवस्था उत्पन्न हुई। वकीलों की भीड़ इकट्ठी हो गई मगर बाद में एक-एक करके अधिवक्ता आने लगे। सुनवाई के लिए नियत 55 जमानत प्रार्थना पत्रों में लगभग 50 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया गया। सुनवाई के दौरान सूचीबद्ध प्रकरणों से संबंधित बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने नंबर की पुकार होने पर वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में जाकर अपना पक्ष रखा। इसी तरह सीजेएम नीरज कुशवाहा ने दोपहर 2:00 बजे से और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने 3:00 बजे से विशेष न्यायालय कक्ष में उपस्थित होकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई कर जमानत प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला जज ने आवश्यक निर्देशों के साथ जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के लिए शुक्रवार को जिला न्यायालय में सुनवाई किए जाने का आदेश पारित किया था। जिसके संबंध में प्रकरण सूचीबद्ध किए गए और उन्हें जिला न्यायालय की वेबसाइट पर भी रखा गया है। नए मामलों में ई फाइलिंग की व्यवस्था का निर्देश दिया गया है। हालांकि अधिवक्ता गणों में ई फाइलिंग को लेकर काफी तकनीकी अड़चन बताई जा रही हैं। वकीलों की मांग है कि नए जमानत प्रार्थना पत्र मैनुअली स्वीकार किए जाएं, जिससे सुलभ तरीके से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकें।
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