फरीदपुर (बरेली)। गांव रायपुर हंस में दो साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड से रामगंगा की कटरी दहली थी, अब इसी के पड़ोस में स्थित गोविंदपुर गांव में पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों ने करीब 25 फायर किए। मौके पर आई पुलिस टीम पर भी आरोपियों ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने आठ हमलावरों को गिरफ्तार किया। उनसे तीन राइफलें बरामद की गईं। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेजा है।
इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि गोविंदपुर गांव में पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर बृहस्पतिवार रात रंजीत व बंटी गुट आपस में भिड़ गए। दोनों पक्ष की ओर से कई लोग लाठियां व असलहे लेकर आ गए। अपने लाइसेंसी असलहों से एक-दूसरे को डराने के लिए हवाई फायरिंग शुरू कर दी। दोनों पक्षों की ओर से लगभग 20 से 25 राउंड फायर किए गए। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की तो फायरिंग कर रहे आरोपियों ने पुलिस पर ही जानलेवा हमला कर दिया।
आरोपियों से बचकर पुलिस ने घेराबंदी की और मौके से आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन लाइसेंसी राइफलें, छह खोखे व तीन कारतूस बरामद किए। वहीं, दोनों पक्ष की तरफ से फरीदपुर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने भी दोनों पक्षों के आरोपियों के खिलाफ अलग से रिपोर्ट दर्ज की। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि आरोपी अवनीश, टीटू, अनूप, रामजीत, अमर सिंह, धनेश्वर पाल सिंह, सूरजभान सिंह व रंजीत सिंह को कोर्ट से जेल भेजा गया है। आरोपी सूरजभान तिहरे हत्याकांड में भी जेल जा चुका है। वह चर्चित हिस्ट्रीशीटर सुरेश प्रधान का करीबी बताया जाता है।