स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए में पूर्व शिक्षा मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले में सोमवार को गवाही शुरू हुई। अभियोजन ने मुकदमा दर्ज कराने वाले सतर्कता अधिष्ठान के पूर्व प्रभारी निरीक्षक राम सुभग राम का बयान दर्ज कराया है। स्पेशल कोर्ट ने पूर्व मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के अंतर्गत आरोप तय किए हैं।
विशेष न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल के समक्ष विशेष लोक अभियोजक विकास गुप्ता ने पूर्व प्रभारी निरीक्षक का बयान दर्ज कराया। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान प्रयागराज के निरीक्षक राम सुभग राम ने 18 जून 2013 मुट्ठीगंज थाने में पूर्व मंत्री के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया था।
पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के विरुद्ध आरोप है कि एक मई 2007 से 31 दिसंबर 2011 के मध्य उत्तर प्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री के रूप में लोकसेवक के पद पर रहते हुए इस अवधि के दौरान आय के समस्त स्रोतों एवं वैध स्रोतों से 49 लाख, 49 हजार, 928 रुपये अर्जित किए तथा इस अवधि में संपत्ति अर्जन एवं भरण पोषण पर दो करोड़, 67 लाख, आठ हजार, 605 रुपये खर्च किए। जो कि आय के सापेक्ष 2 करोड़, 17 लाख, 58 हजार 677 रुपये अधिक है। जिसका संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया, जो कि भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 (2) के अधीन अंतर्गत दंडनीय अपराध है।