पान की दुकानों में तंबाकू उत्पाद के अलावा अन्य उत्पाद न बेचे जाने के नियम का पान विक्रेताओं ने विरोध किया है। पान विक्रेताओं का कहना है कि अगर यह नियम लागू हो गया तो वह बर्बाद हो जाएंगे। क्योंकि अधिकांश पान की दुकानों पर पानी, कोल्ड ड्रिंक्स एवं रोजमर्रा से जुड़े तमाम सामान भी बेचे जाते हैं। पान कारोबारियों का कहना है कि वह इस संबंध में सांसद, विधायक, मेयर आदि को ज्ञापन देंगे, अगर जरूरत पड़ी तो वह हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
पान विक्रेताओं की इसी समस्या को लेकर रविवार को पान सामग्री विक्रेता संघ, इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन और कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के पदाधिकारियों की बैठक हुई। थार्नहिल रोड पर पदाधिकारियों ने ‘सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रावधानों पर चर्चा की। बैठक में कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि यह अधिनियम प्रदेश के सभी नगर निगमों में 31 जुलाई तक अपने सदन से पारित कर लागू करना है। अगर यह प्रावधान लागू हो जाता है तो कोई भी पान का दुकानदार तंबाकू उत्पाद के अलावा अन्य कोई भी सामग्री नहीं बेच सकेगा ।
बैठक में पान सामग्री विक्रेता संघ के अध्यक्ष संदीप जायसवाल ने कहा कि शहर के अंदर सैकड़ों की संख्या में पान की छोटी-बड़ी दुकानें हैं। इतना ही नहीं बहुत से लोग फेरी के माध्यम से इसकी बिक्री करते हैं। सरकार के इस कदम से हजारों लोगों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। बैठक में इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्रवाल ने कहा एक पान का दुकानदार केवल पान, बीड़ी, सिगरेट या उससे संबंधित उत्पाद ही नहीं बेचते, बल्कि कोल्ड ड्रिंक्स, बोतलबंद पानी, टॉफी और नमकीन आदि की भी वह बिक्री करते हैं। व्यापारियों ने कहा कि सरकार इस नियम को तत्काल वापस ले। तय हुआ कि व्यापारी इस संबंध में सांसद, विधायक के साथ-साथ मेयर एवं नगर आयुक्त को ज्ञापन देंगे। जरूरत पड़ने पर वह हड़ताल भी कर सकते हैं। बैठक में विभु अग्रवाल, आशीष केसरी, संजीव मिश्रा, मनीष शुक्ला, अशोक अग्रवाल, गोवर्धन गुप्ता, घनश्याम वैश्य, दीपक जैन आदि मौजूद रहे।