कचहरी परिसर में दरोगा नित्यानंद सिंह को दूसरी मंजिल से नीचे फेंकने की कोशिश के मामले की विवेचना शुरू हो गई है। पुलिस ने दरोगा को बयान के लिए बुलाया है। पुलिस का कहना है कि बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भुक्तभोगी दरोगा गोरखपुर पीटीएस में तैनात हैं। वह अतीक अहमद के भाई अशरफ के खिलाफ दर्ज मुकदमे में बयान दर्ज कराने आए थे। बयान दर्ज कराकर लौटते वक्त यह घटना हुई थी। इस मामले में पूर्व फौजी लालजी उर्फ पिंटू तिवारी को नामजद किया गया है। साथ ही चार अज्ञात पर भी एफआईआर दर्ज की गई है।
मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने कचहरी परिसर में पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। अब दरोगा का बयान दर्ज करने की तैयारी है। इसके लिए दरोगा को बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि दरोगा के बाद मौके पर मौजूद दो प्रत्यक्षदर्शियों का भी बयान दर्ज किया जाएगा। इनमें धूमनगंज थाने में तैनात कांस्टेबल पैरोकार धर्मेंद व एक अधिवक्ता शामिल हैं। गौरतलब है कि भुक्तभोगी ने तहरीर में बताया है कि उक्त दोनों ने ही बीचबचाव कर उन्हें बचाया और तब उनकी जान बच सकी। इंस्पेक्टर राममोहन राय ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है।