जिला कमेटी का गठन होते ही कांग्रेस में बढ़ा असंतोष
ओहदा घटाए जाने से नाराज दो नवनियुक्त पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
जिलाउपाध्यक्ष बनाई गईं निधि बोलीं, मेरा पूरा परिवार आरएसएस विचारधारा से जुड़ा है
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला कमेटी का गठन होते ही कांग्रेस में असंतोष व्याप्त हो गया है। ओहदा घटाए जाने से नाराज दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं जिलाउपाध्यक्ष निधि ने तो करारा झटका देते हुए साफ कह दिया है कि वो और उनका पूरा परिवार आरएसएस विचारधारा से ताल्लुक रखता है। नई कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से तमाम पुराने कांग्रेसी भी खफा हैं।
दोआबा की सियासी जमीन पर लगभग 25 साल से कांग्रेस के लिए बंजर साबित हो रही है। वर्ष 1995 में चायल विधानसभा सीट से विजय प्रकाश विधायक हुए थे। उनके बाद से कांग्रेस की झोली खाली रही। विगत 21 जुलाई को ही जिले की नई कार्यकारिणी की घोषणा प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार उर्फ लल्लू ने की है। नई टीम में सचिव बनाए गए करारी निवासी सरदार हुसैन रिजवी व अजुहा निवासी विजय सिंह यादव का कहना है कि वे पहले जिला महासचिव पद पर कार्य कर चुके हैं। अब पार्टी ने वरिष्ठता की अनदेखी करते हुए ओहदा घटाया है। इसी वजह से वे अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। सरदार रिजवी ने फेसबुक पर लिखा है कि वह अब सक्रिय राजनीति से दूर ही रहेंगे। इसी तरह संड़वा बिदांव की निधि त्रिपाठी को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। निधि ने बाकायदा प्रेस नोट जारी करके कहा है कि वो आरएसएस की विचारधारा पर विश्वास करती हैं। उनका पूरा परिवार भी संघ से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पुराने कांग्रेसियों को इस कमेटी में जगह नहीं दी गई है। इस वजह से पार्टी में असंतोष बढ़ रहा है।
इनका कहना है
पदाधिकारियों के इस्तीफे का मामला फिलहाल संज्ञान में नहीं आया है। ये भी नहीं पता है कि जिला उपाध्यक्ष बनाई गईं निधि ने क्या बयान जारी किया है। प्रकरण की विस्तृत जानकारी करने के बाद ही इस बाबत कुछ कहा जा सकता है।
विवेकानंद पाठक, जिला प्रभारी कांग्रेस