मुट्ठीगंज में महाबीरन लेन से बलुआघाट तक दूषित जलापूर्ति से करीब 25 हजार की आबादी पिछले 15 दिन से परेशान है। नलों से गंदा पानी आ रहा है। पीने के लिए लोग बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। शिकायत पर जलकल विभाग सिर्फ यह पता कर पाया है कि गंदगी से पुरानी सीमेंट की पाइप लाइन चोक है। मार्डन घोष कॉलेज में रीबोर नलकूप चालू न होने से दिक्कत बनी है।
मबाबीरन लेन के रहने वाले राजेश शर्मा के मुताबिक सुबह, शाम नलों से पानी आता है, लेकिन उसका रंग काला होता है। पानी को पीना तो दूर किसी और इस्तेमाल में नहीं ला सकते। कई बार शिकायत की लेकिन जलकल विभाग के कर्मचारी दिक्कत दूर नहीं कर पा रहे हैं। वहीं तिलक रोड बांस मंडी निवासी हरि शर्मा का कहना है कि गंदे पानी से संक्रामक बीमारियों के पांव पसारने का खतरा बना है। जोनल कार्यालय में शिकायत की लेकिन 15 दिन हो गए सुनवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दिक्कत महाबीरन लेन से तिलक रोड औैर बलुआघाट तक बनी है। बुधवार को भी नलों से गंदा पनी आया। बाल्टी में भरा पानी दुर्गंध मारता है। लोगों ने बताया कि लीकेज की समस्या बनी है, जिसको दूर करने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में शिकायत के बाद भी पानी के टैंकर नहीं भेजे गए।
महाप्रबंधक जलकल हरिश्चंद्र बाल्मीकि के मुताबिक प्रभावित इलाके में जेई को लाइन चेक कराकर फाल्ट दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। बतया गया कि सीमेंट की पुरानी जलकल लाइन चोक हो गई है। वहीं डॉक्टर मार्डन घोष इंटर कॉलेज में रीबोर हुए पंप को चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही जलापूर्ति सामान्य कराने के प्रयास हैं।