इसी तरह बंगलुरु के लिए सात ट्रेनें हैं, लेकिन इसमें 12296 संघमित्रा एक्सप्रेस ही प्रयागराज छिवकी होकर हर रोज चलती है। शेष अन्य ट्रेन 22688 बनारस-मैसूर, 22684 लखनऊ-यशवंतपुर, 12540 लखनऊ-यशवंतपुर, 12577 बागमती एक्सप्रेस, 22351 पाटलिपुत्र-यशवंतपुर , 22353 पटना-बंगलुरू हमसफर सप्ताह में एक-एक दिन ही चलती है। अन्य स्टेशनों से आने की वजह से उसमें प्रयागराज के यात्रियों को गिनती भर ही बर्थ मिल पाती है, जबकि यहां से इन दोनों ही शहरों के लिए हर रोज सफर करने वाले लोगों की अच्छी खासी संख्या है।
इसी वजह से सांसद फूलपुर केशरी देवी पटेल ने पुणे होकर बंगलुरु के लिए सीधी ट्रेन चलाए जाने की मांग की है। अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस ट्रेन को बोर्ड से मंजूरी भी मिल सकती है। सांसद के अनुसार काफी संख्या में प्रयागराज के छात्र-छात्राएं एवं तमाम कंपनियों में काम करने वाले लोग पुणे और बंगलुरु जाते हैं। ऐसे में ट्रेन चलने से लोगों को खासी सहूलियत मिलेगी। सांसद के अनुसार एनसीआर द्वारा यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा रहा है। प्रयागराज जंक्शन की रिमॉडलिंग के बाद इस ट्रेन के संचालन की मंजूरी मिल सकती है।
प्रयागराज-पुणे-बंगलुरु का यह रहेगा संभावित रूट
प्रयागराज से पुणे होकर बंगलुरू के बीच अगर ट्रेन चलती है तो उसका रूट वाया मानिकपुर, सतना, कटनी, जबलपुर, इटरासी, भुसावल, मनमाड जंक्शन, कल्याण के रास्ते पुणे तक होगा। पुणे से मिराज जंक्शन, बेलगाम, हुबली जंक्शन होते हुए ट्रेन बंगलुरु पहुंचेगी।