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पूर्णिमा पर संगम में लगाई डुबकी, कथा, दान-दक्षिणा

Thu, 27 May 2021 01:18 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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चंद्रग्रहण और पूर्णिमा के दौरान संगम क्षेत्र में स्नान को जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : prayagraj
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पूर्णिमा पर बुधवार को श्रद्धालुओं ने संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाई। पूर्णिमा पर डुबकी के लिए श्रद्धालुओं का भोर से ही संगम तट पर पहुंचने का क्रम आरंभ हो गया था जो दोपहर बाद तक जारी रहा। परिवार संग संगम में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने पहले जल लेकर अर्घ्य दिया, फिर घाट किनारे ही पूजा अर्चना की। गंगापुत्र घाटिया संघ के कोषाध्यक्ष सलिकराम पांडेय बोले, स्नान-ध्यान के बाद श्रद्धालुओं ने घाटियों के यहां चंदन लगवाया और उन्हें यथाशक्ति दान-दक्षिणा भी दी। अनेक घरों में पूर्ण़िमा पर श्री सत्य नारायण व्रत कथा के अतिरिक्त अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी कराए गए। 

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वहीं वर्ष के पहले चंद्रग्रहण पर भी परंपरानुसार अनुष्ठान हुए। उप छाया ग्रहण होने के कारण नौ घंटे पहले सूतककाल की मान्यता तो नहीं रही लेकिन अपनी-अपनी मान्यता के अनुसार सूतक काल में अनेक मंदिरों के कपाट बंद रहे, जिन्हें शाम को मोक्ष के बाद ही अभिषेक-पूजन के बाद खोला गया। वैसे मोक्ष की कामना से ग्रहण काल में पाठ और जप का क्रम जारी रहा। चंद्रग्रहण के मोक्ष के बाद परंपरानुसार श्रद्धालुओं ने संगम सहित गंगा और यमुना केविभिन्न घाटों पर डुबकी भी लगाई। चंद्र ग्रहण के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने दान भी निकाला जिसे यथोचित पात्र (डोमराजा) को दिया गया। चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को घरों से बाहर निकलने नहीं दिया गया।

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