फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Digital Mahakumbh : अब महाकुंभ के मेले में नहीं भटकेंगे श्रद्धालु, गूगल बताएगा रास्ता

Sat, 07 Sep 2024 12:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मेला प्राधिकरण और गूगल इंडिया के अफसरों से वार्ता हो चुकी है। मेला बसावट के साथ ही गूगल मैपिंग का काम शुरू हो जाएगा। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सभी तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। मेला 4,000 हेक्टेयर में बसाया जाएगा।
विज्ञापन
गूगल मैप। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विश्व के सबसे बड़े मेले महाकुंभ में लोगों को भटकने से गूगल बचाएगा। पहली बार मेले के प्रत्येक मुख्य मार्ग, गाटा मार्ग, शिविर और घाटों की गूगल मैपिंग होगी। इसके सहारे श्रद्धालु आसानी से अपने कैंप या मनचाहे मार्ग पर पहुंच सकते हैं।

मेला प्राधिकरण और गूगल इंडिया के अफसरों से वार्ता हो चुकी है। मेला बसावट के साथ ही गूगल मैपिंग का काम शुरू हो जाएगा। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सभी तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। मेला 4,000 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। इतने बड़े क्षेत्र में पहले कभी नहीं बसाया गया था। मेला को 25 सेक्टर में बांटा जाएगा और 30 पांटून पुल बनाए जाएंगे। 2019 का कुंभ 3,000 हेक्टेयर में बसाया गया था।

हर बार मेले में श्रद्धालुओं के साथ यह समस्या होती थी कि वह संगम स्नान के बाद कैंप लाैटते समय भटक जाते थे। संतों और गुरुओं के शिविर तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ती थी। 45 दिन के इस मेले में 40 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की समस्या को देखते हुए मेला प्राधिकरण ने गूगल इंडिया की टीम से बात की। मेले के मार्गों, शिविरों आदि की मैपिंग करने के लिए गूगल तैयार हो गया।

विज्ञापन


मेला बसावट की तैयारी शुरू होने के साथ ही गूगल टीम अपना काम शुरू कर देगी। वह हर सप्ताह इसे अपडेट करते रहेंगे। मेला एडीएम दयानंद प्रसाद ने बताया कि महाकुंभ में तकनीक का प्रयोग करते हुए श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम बनाया जाएगा।
 

Trending Videos
विज्ञापन

बीएसएनएल लगाएगा 190 टाॅपर

मेला क्षेत्र में गूगल मैप का प्रयोग आसानी से किया जा सके। इसके लिए संचार एवं प्राैद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश के बाद बीएसएनएल ने 190 टावर लगाने की तैयारी कर ली है। भीड़ को देखते हुए हर सेक्टर में पांच से 10 टावर लगाए जाएंगे। 2019 के कुंभ मेले में बीएसएनएल ने 140 टावर लगाए थे। इस बार भीड़ ज्यादा होगी, इसलिए टावर की संख्या बढ़ाई गई है। बीएसएनएल के अलावा अन्य निजी कंपनियों के भी टावर लगाए जाएंगे। इसके लगने से इंटरनेट की सुविधा बेहतर होगी और श्रद्धालुओं को गूगल मैप चलाने की परेशानी नहीं होगी।

बाढ़ हटने के बाद शुरू हो जाएगा काम

गंगा और यमुना के बाढ़ का स्तर कम होने लगा हैं। आसार है कि इस महीने तक बाढ़ का असर रहेगा। बाढ़ थमने के बाद मेले का काम शुरू हो जाएगा। मेला की बसावट सिटी साइड किला से लेकर बघाड़ा तक रहेगी। इसके अलावा झूंसी और अरैली तरफ भी मेला बसाया जाएगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें