मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में अब ब्रिटेन की तर्ज पर आधुनिक एचएफएनओ मशीनों से कोविड संक्रमितों का इलाज होगा। ये मशीनें गंभीर मरीजों के इलाज में वेंटीलेटर से ज्यादा कारगर साबित हो रही हैं। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) ने बृहस्पतिवार को दो एचएफएनओ मशीनें मे
डिकल कॉलेज को दान में दीं। दोनों मशीनें प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह को सौंपी गई हैं।
एएमए अध्यक्ष डॉ. राधा रानी घोष के मुताबिक कोविड उपचार के दौरान विश्वव्यापी अनुभव में यह साबित हो गया है कि हाई फिक्वेंसी नजल ऑक्सीजन (एचएफएनओ) मशीनें ज्यादा कारगर हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री भी अति गंभीर अवस्था में इसी एचएफएनओ मशीन की मदद से बचाए गए। बढ़ती मांग से इसकी उपलब्धता भी कम हो गई है।
एएमए ब्लड बैंक परिसर में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने एएमए पदाधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उम्मीद जताई कि कोविड संक्रमितों की जान बचाने को ये मशीनें उपयोगी साबित होंगी।
एएमए सचिव डॉ. राजेश मौर्या ने बताया कि एसोसिएशन की तरफ से कोविड संक्रमण को रोकने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बताया कि तकनीकी सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता के अथक प्रयास और वरिष्ठ सदस्य डॉ. आशा जायसवाल और तेजस डायग्नोस्टिक का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि इन मशीनों के प्रयोग में होने वाले सहायक उपकरणों की आपूर्ति का खर्च वहन एएमए ही उठाता रहेगा।
इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. अनिल कुमार शुक्ला, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. एमके मदनानी, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. मोहित जैन, डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. जेपी राय, डॉ. अनूप चौहान, डॉ. सुभाष वर्मा आदि मौजूद रहे।