खाक चौक पर धूना तपस्या करते साधु और संन्यासी।
- फोटो : अमर उजाला
सिर पर घड़ा रख ध्यान में लीन रहे संत
खाक चौक के तपस्वी नगर में कई शिविरों में धूना तपस्या आरंभ हुई। एक साथ कई संत अग्नि के घेरे में सिर पर घड़ा रखकर ध्यान में लीन नजर आए। यह अग्नि साधना तपस्वीनगर में माघी पूर्णिमा तक चलेगी। इस बार खाक चौक में कल्पवास करने वाले ऐसे तपस्वी संतों की संख्या बढ़ी है। अखिल भारतीय श्रीपंच तेरह भाई त्यागी अयोध्या के महंत राम संतोष दास ने इस बार भी धूना तपस्या शुरू की है। अग्नि साधना को वह श्रेष्ठतम तप बताते हैं। उनका कहना है कि सात चरणों में होने वाली धूना तपस्या में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे से लेकर 12 घंटे तक संत अग्नि के घेरे में रहते हैं।
Magh Mela 2023 : खाक चौक में धूना तपस्या करते संत।
- फोटो : अमर उजाला।
वह बताते हैं कि धूना तपस्या का संकल्प लेने वाले सुबह से शाम तक साधना करेंगे। गंगा दशहरा पर हवन- पूजन कर धुनी को गंगा में विसर्जित किया जाएगा। तपस्या किसी कारण से अगर भंग हो जाती है तो अगले वर्ष नए सिरे से संकल्प लेकर उसे फिर से आरंभ किया जाएगा। इस बार ज्यादातर संतों ने धूना तपस्या राष्ट्र की रक्षा और खुशहाली की कामना से आरंभ की है।
Magh Mela 2023 : खाक चौक में धूना तपस्या करते संत।
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सात चरणों में होती है अग्नि साधना
अग्नि साधना की बात आते ही वह इसकी महिमा बताने लगते हैं। उनके मुताबिक सात चरणों में होने वाली धूना तपस्या में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे से लेकर 12 घंटे तक संत अग्नि के घेरे में रहते हैं। इस बार खाक चौक में कल्पवास करने वाले ऐसे तपस्वी संतों की संख्या करीब 500 से अधिक है।
Magh Mela 2023 : खाक चौक में धूना तपस्या करते संत।
- फोटो : अमर उजाला।
लोक कल्याण के लिए की जाती है साधना
धूना तपस्या करने वाले संतों का कहना है कि धूना तपस्या का संकल्प लेने वाले सुबह से शाम तक साधना करेंगे। गंगा दशहरा पर हवन- पूजन कर धुनी को गंगा में विसर्जित किया जाएगा। तपस्या किसी कारण से अगर भंग हो जाती है तो अगले वर्ष नए सिरे से संकल्प लेकर उसे फिर से आरंभ किया जाएगा।