जगन्नाथ जी महोत्सव समिति के तत्वाधान में भगवान जगन्नाथ पखवारे भर के विश्राम के बाद सुबह रथ पर विराजमान हुए। इसके बाद विद्या गौरी वाटिका सत्ती चौरा स्थित भगवान जगन्नाथ को मंदिर परिसर के अंदर ही चारों दिशाओं में भ्रमण कराया गया। इसके बाद मंदिर में ही भगवान जगन्नाथ के अलावा बलभद्र और सुभद्रा के विग्रहों को आम भक्तों के लिए प्रतिष्ठापित किया गया।
मंदिर परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भक्तों ने भगवान का दर्शन किया। इस दौरान भगवान जगन्नाथ से विश्व को कोरोना संक्रमण से निजात दिलाने के लिए कामना की गई। इस मौके पर रथयात्रा समिति के अध्यक्ष गोवर्धन दास, सहसंयोजक राजेश केसरवानी, बसंत लाल आजाद,राजेश केसरवानी, जय राम गुप्ता, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, दाऊ दयाल गुप्ता, विजय वैश्य, त्रिलोकी केसरवानी, उदय साहू, उज्जवल गुप्ता, हैप्पी कसेरा, कृष्ण भगवान केसरवानी, गगन दास गुप्ता, उमा गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता, लता उपाध्याय, गीता गुप्ता, कलावती समेत तमाम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा रहे थे।
इसी तरह जगन्नाथ स्वामी रथयात्रा समिति कीडगंज के रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत सुबह पांच बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। भगवान जगन्नाथ को मंदिर गर्भगृह से बाहर लाकर चारो दिशाओं की परिक्रमा कर राष्ट्र, समाज और परिवार केमंगल की कामना की गई। इसके बाद गर्भगृह के बाहर मंदिर परिसर में सविधि पूजन के साथ आम भक्तों के दर्शनार्थ भगवान के विग्रहों को स्थापित कराया गया।
भगवान जगन्नाथ के साथ बद्रीनाथ, द्वारिका नाथ, गरुण, गणेश, हनुमान की प्रतिमाओं की भी झांकी सजाई गई। इस दौरान डॉ महेंद्र तिवारी, पदुम जायसवाल, अनंत अग्रवाल, प्रण विजय सिंह, सूरज शर्मा, कुलदीप, पप्पू, रवि, आयुष रतन, पीयूष, दीपक, अखिलेश ने महोत्सव को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।