इस दीपोत्सव में प्रशासन की ओर से विभागवार दीप जलाने की जिम्मेदारी तय की गई है। व्यापारियों, सामाजिक , शैक्षणिक संगठनों का भी आह्वान किया गया है। घाटों की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्थाएं और सरकारी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी सुबह नौ बजे तक तैयारियों में जुट जाएंगे। शाम तीन बजे तक दीपोत्सव के लिए लोग अपनी-अपनी जगह पक्की कर लेंगे। जय त्रिवेणी जयप्रयाग आरती समिति की ओर से रंगोली प्रतियोगिता के बाद 11 हजार दीप जलाए जाएंगे। कहीं स्वास्तिक तो कहीं भारत माता की जय और वंदे मातरम के रूप में दीये जलाए जाएंगे। शहीदों के शौर्य, पराक्रम के भाव भी दीपों में सजाए जाएंगे। दीपोत्सव के लिए तेल-बाती के इंतजाम कर लिए गए हैं।
काशी की तर्ज पर सजेगी दीपों की शृंखला
काशी की तर्ज पर इस बार प्रयागराज में देव दीपावली मनाई जाएगी। इसके लिए इस बार दीपोत्सव के समय संगीतमय भव्य गंगा आरती भी मेला प्रशासन की ओर से कराई जाएगी। देव दीपावली पर गंगा पूजन और दीपोत्सव के समय त्रिवेणी की आरती के लिए भव्य मंचन बनाया गया है। इस दौरान संगीतमय प्रस्तुतियां भी होंगी।
सामाजिक संगठनों की ओर से जलाए जाएंगे लाखों दीप
हरिहर गंगा आरती समिति की ओर से रामघाट पर दीपोत्सव की विहंगम छटा प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है। सोमवार को रामघाट पर समिति की ओर से 51 हजार दीये जलाए जाएंगे। इसी तरह मातृ स्नेह फाउंडेशन की ओर से अक्षयवट घाट पर 11 हजार दीपों की लड़ियां सजाई जाएंगी। कार्तिक महोत्सव आयोजन समिति की ओर से बलुआघाट की बारादरी पर 51 हजार दीये जलाए जाएंगे। जबकि, परिवर्तन मानव विकास संस्थान की ओर से ककरहा घाट पर 51 हजार दीपों की मालाएं सजाई जाएंगी। इसी तरह विश्व पुरोहित परिषद की ओर से अरैल घाट पर 21 हजार दीप जलाए जाएंगे।
संत-भक्त भी जलाएंगे दीप
धार्मिक संस्थाओं की ओर से भी देव दीपावली पर दीपदान किया जाएगा। बड़े हनुमान मंदिर परिसर में बाघंबरी गद्दी मठ की ओर से दीपों की लड़ियां सजाई जाएंगी। उधर, गऊघाट स्थित ओम नम: शिवाय आध्यात्मिक संस्था की ओर से यमुना तट पर 31 हजार दीप जलाए जाएंगे।
11 हजार दीपों से जगमग होगा नागवासुकि मंदिर परिसर
नागवासुकि मंदिर परिसर में प्रयागराज सेवा समिति की ओर से 11 हजार दीप जलाए जाएंगे। इस दौरान नागवासुकि भगवान और असि माधव की आरती उतारी जाएगी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी तीर्थराज पांडेय ने दी।