निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा शिक्षा के व्यापारीकरण के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं का डीएम कार्यालय के बाहर अनशन लगातार जारी है। सोमवार को अनशनकारी एबीवीपी के मंत्री रिंकू पयासी की हालत बिगड़ गई। प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इसके पहले रविवार को अनुज शर्मा की तबियत बिगड़ गई। इसके बाद ही कार्यकर्ता अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। सोमवार को ही चार और कार्यकर्ता अनशन पर बैठ गए।
एबीवीपी के मंत्री रिंकू की तबियत रविवार को ही खराब हो गई थी, लेकिन वह अनशन से हटने को तैयार नहीं थे। रात में स्थिति ज्यादा बिगड़ी। सोमवार को दिन में डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। डॉक्टरों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी। इसके बाद सीओ कर्नलंगज फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसीएम प्रथम एसके मिश्र भी वहां आ गए। अफसरों ने रिंकू को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया तो वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने विरोध किया। इसे लेकर तीखी बहस भी हुई। एसीएम ने अनशनकारियों को बताया कि निजी स्कूलों से फीस का ब्योरा सोमवार तक मांगा गया है। एडीएम एफआर ने मंगलवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है।
इसके बाद कार्यकर्ताओं को समझा कर शांत कराया गया। फिर रिंकू को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, अनशन जारी रहेगा। अनशन में अमित श्रीवास्तव के साथ मंगलवार को विजय प्रताप सिंह, अनिल त्रिपाठी, अभिनव तिवारी, मोहित भी शामिल हो गए। इनके साथ अनुज शर्मा, अजीत, अभिषेक, नालिनी मिश्रा, संगीता मिश्रा, अर्पित, अर्चना शुक्ल, जीतू शुक्ल, अंकित सिंह आदि भी अनशन में शामिल रहे।
निजी कॉन्वेंट स्कूलों में फीस वृद्धि के खिलाफ चल रहे आंदोलन के क्रम में अभिभावक एकता समिति के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सिविल लाइंस स्थित बिशप हाउस के गेट पर ज्ञापन चस्पा किया। इसके पहले समिति ने ज्ञापन के संबंध में 15 अप्रैल को ही बिशप हाउस में सूचना दे दी थी, लेकिन ज्ञापन देने पहुंचने पर बिशप हाउस का कोई प्रतिनिधि सामने नहीं आया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं और अभिभावकों ने वहीं धरना-प्रदर्शन किया।
समिति के अध्यक्ष विजय गुप्ता ने डीएम एवं डीआईओएस पर बैठक में किए गए वादे पर खरा न उतरने का आरोप लगाया। कहा कि स्कूल-कॉलेज के सामने अफसर बौने साबित हो रहे हैं। उनकी कथनी और करनी में अंतर है। ऐसे शिक्षा माफिया के स्कूलों की मान्यता समाप्त होनी चाहिए। धरने में इमरान अली, विकास अग्रहरि, चंद्र प्रकाश कौशल, अवधेश नारायण, प्रेमा श्रीवास्तव, रानी देवी, मालती, बशीर अहमद, शाहिन बेगम, अंजुमन, अनीता गुप्ता, साजिद खान, बृजेश निषाद, शोभलाल तिवारी, निशा अग्रहरि, सुरेश भारती आदि शामिल थे।
आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश एवं इलाहाबाद की संयुक्त बैठक में प्रदेश सरकार से बीएसए के अधिकारों का विकेंद्रीकरण की मांग की गई। चंद्रशेखर आजाद पार्क में हुई बैठक में शिक्षकों को हर माह की पहली तारीख को वेतन, महापुरुषों की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने न कि अवकाश रद्द करने, यदि अवकाश समाप्त हो तो सेकेंड सटर डे को अर्जित अवकाश देने, विशिष्ट बीटीसी 2004 के शिक्षकों को अवशेष मानदेय, एरियर भुगतान आदि की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ.रुद्र प्रभाकर मिश्र एवं संचालन जिलाध्यक्ष नागेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने किया। इसमें भूपेंद्र प्रताप सिंह, भारत भूषण त्रिपाठी, मनोज श्रीवास्तव, डॉ अशोक तिवारी, भोलानाथ गुप्त आदि शामिल थे।