इलाहाबाद। पंचाट परिषद ने बुधवार को जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन को निरस्त करते हुए संघ के अध्यक्ष और मंत्री को उपाध्यक्ष पद का चुनाव यथाशीघ्र कराने का आदेश दिया है। परिषद ने कहा है कि आदेश 15 दिनों तक स्थगित रहेगा। उसके बाद स्वयं प्रभावी हो जाएगा।
यह निर्णय जिला अधिवक्ता संघ की पंचाट परिषद के अध्यक्ष केशरी चंद्र द्विवेदी और सदस्यगण राधेश्याम पाण्डेय तथा रामराज सिंह ने प्रत्याशी भोला नाथ पांडेय के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया। घोषित निर्णय में कहा गया है कि चुनाव पूरा कराने में चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षक ने अपनी भूल छिपाने के लिए लीपापोती का प्रयास किया है, जिसकी ऐसे जिम्मेदार पद का निर्वहन करने वाले व्यक्ति से उम्मीद नहीं की जा सकती है।
जिला अधिवक्ता संघ के मंत्री कौशलेश सिंह के मुताबिक संघ के 2016-2017 के चुनाव के संबंध में उपाध्यक्ष, संयुक्त मंत्री और कार्यकारिणी सदस्य के चुनाव परिणाम के बाबत पंचाट परिषद के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई थी। संघ का चुनाव 31 मई 2016 और परिणाम एक जून 2016 को घोषित किया गया था। उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी भोलानाथ पाण्डेय ने मतदान के दिन ही चुनाव अधिकारी को अर्जी देकर शिकायत की थी कि उनका नाम मतपत्र में अंकित नहीं है बल्कि किसी भोला नाथ तिवारी का नाम है, इसलिए चुनाव निरस्त किया जाए।
हाईकोर्ट के पर्यवेक्षक ने आश्वासन दिया था कि उनकी अर्जी पर विचार किया जाएगा। प्रत्याशी ने मतगणना रोके जाने की भी मांग की थी। चुनाव परिणाम की घोषणा में प्रत्याशी भोला नाथ पाण्डेय का नाम अंकित कर 488 मत पाकर उन्हें पराजित दिखाया गया। चुनाव अधिकारी की ओर से घोषित वैध प्रत्याशियों की सूची में नाम भोला नाथ पांडेय ही अंकित है। पंचाट परिषद का मत है कि भोला नाथ पाण्डेय की शिकायत पर चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षक ने उचित निर्णय न लेकर मतगणना कराकर चुनाव पूरा कराने की औपचारिकता निभाई। उपाध्यक्ष पद पर लक्ष्मीकांत मिश्र को वरिष्ठ और प्रभात कुमार श्रीवास्तव को कनिष्ठ निर्वाचित घोषित किया गया है।
वहीं पंचाट परिषद ने संयुक्त मंत्री पद के प्रत्याशी आलोक शुक्ला की अर्जी को यह कह कर खारिज कर दिया है कि संघ कार्यालय में रखे गए मतपत्र के बैलेट बाक्स संदिग्ध हालात में हैं, जिससे पुन: मतगणना कराना विधि सम्मत नहीं है। कार्यकारिणी पद के प्रत्याशी आशुतोष शुक्ला की अर्जी भी यह कहकर खारिज कर दी गई कि उन्होंने परिणाम घोषित होने के बाद तकनीकी त्रुटि का लाभ लेने का प्रयास किया है और अर्जी भी विलंब से दी है। पंचाट परिषद ने यह माना है कि विजयी सदस्य बृजभान सिंह की सदस्यता चुनाव लड़ने के लिए संघ की नियमावली में अपेक्षित पांच साल पूरी नहीं है ।