डेंगू का कहर, प्लेटलेट्स की किल्लत
23 नए मरीज, अब तक 472 चिह्नित
एंटी लार्वा छिड़काव के लिए आठ टीमें
प्रयागराज। डेंगू का कहर हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। बृहस्पतिवार को डेंगू के 30 नए मरीज चिह्नित किए गए। जिले में अब तक डेंगू के 472 मरीज चिह्नित किए जा चुके हैं। वहीं, ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की किल्लत बनी हुई है। बचाव के उपाय न किए जाने का मामला अमर उजाला ने उजागर किया तो स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लार्वा छिड़काव के लिए आठ टीमें गठित कर नया शेड्यूल बनाया है।
मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलाजी विभाग में हुई 113 मरीजों की रक्त जांच में 38 मरीजों में डेंगू की पुष्टि की गई। इनमें 23 मरीज स्थानीय हैं। हर दिन डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या से लोग दहशत में हैं। एसआरएन, बेली, काल्विन अस्पतालों की ओपीडी बृहस्पतिवार को भी ठसाठस रही। बुखार पीड़ितों की संख्या सबसे ज्यादा रही। जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ.एएन मिश्रा के मुताबिक सभी डेंगू पीड़ित मरीजों के घर रैपिड सिस्पांस टीम (आरआरटी) भेजकर सत्यापन कराया गया। पीड़ितों और उनके आसपास के घरों में एंटी लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है।
सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक पिछले वर्ष इस अवधि में डेंगू मरीजों की संख्या 666 थी, जो इस बार 472 है, साफ है कि डेंगू के प्रकोप में कमी आई है। उन्होंने बताया कि सर्दी-गर्मी के इस बदलते मौसम में डेंगू के मच्छर पनपते हैं, उनकी रोकथाम के प्रयास जारी हैं।
नहीं मिल रही प्लेटलेट्स, भटक रहे तीमारदार
डेंगू पीड़ितों को चढ़ाने के लिए प्लेटलेट्स नहीं मिल रही है। एसआरएन, बेली और एएमए ब्लड बैंक में सुबह से शाम तक दो सौ से अधिक तीमारदार पहुंच रहे हैं। प्लेटलेट्स की बढ़ती मांग के साथ ब्लड ग्रुप की मैचिंग का काम मुश्किलों को और बढ़ा रहा है। दिक्कत इस बात की भी है कि किसी भी मरीज का तीमारदार एक यूनिट प्लेटलेट्स लेना ही नहीं चाहता। वह दो से चार यूनिट प्लेटलेट्स की मांग कर रहे हैं। बेली ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. उत्तम ने बताया कि उपलब्धता के मुताबिक प्लेटलेट्स दी जा रही हैं।
बुखार में प्लेटलेट्स का कम होना डेंगू नहीं
एसआरएन के फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक बुखार पीड़ित मरीज की प्लेटलेट्स में कमी का मतलब डेंगू नहीं होता। प्लेटलेट्स कम होने के अन्य भी कारण होते हैं। इसलिए शंका में डरें नहीं विशेषज्ञ से परामर्श लेकर इलाज कराएं, लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि बिना जरूरत बुखार के मरीज को ग्लूकोज चढ़ाने से शरीर में सूजन आ सकती है, बीपी कम हो सकता है। डेंगू की पुष्टि हो तो बीपी पर नजर रखें, खूब पानी पीएं। सही इलाज मिलने पर डेंगू आसानी से ठीक हो जाता है।
सिर्फ पैरासीटामॉल ही दें, एंटीबायोटिक नहीं
मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि वायरल फीवर का मौसम हैं। दस में आठ मरीजों को वायरल और एलर्जी की शिकायत होती है। नमी वाले क्षेत्रों में रहने वालों को डेंगू संक्रमण हो सकता है। उन्होंने कहा कि हर बुखार डेंगू नहीं होता और सभी डेंगू के मरीज गंभीर नहीं होते। वायरल फीवर हो तो बीपी, प्लेटलेट्स, टीएलसी पर नजर रखें। इसलिए डरें नहीं, डेंगू की जांच कराएं और बुखार में एंटीबायोटिक नहीं सिर्फ पैरासीटामॉल ही लें, आराम होगा।