याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जिला न्यायालय में चल रहे अलग-अलग मामलों की सुनवाई खुद करने को कहा था और निचली अदालत में लंबित सभी 16 मामलों को अपने पास स्थानांतरित कर लिया था। जिसके बाद यह सुनवाई शुरू हुई है।
मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्म भूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई है। इस पर कोर्ट ने यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड सहित सभी प्रतिवादियों से आपत्ति मांगी है। कोर्ट अब इस मामले में 16 नवंबर को सुनवाई करेगी। अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और प्रभाष पांडेय की ओर से दाखिल अर्जी पर न्यायमूर्ति मयंक जैन की एकलपीठ सुनवाई कर रही थी।
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याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जिला न्यायालय में चल रहे अलग-अलग मामलों की सुनवाई खुद करने को कहा था और निचली अदालत में लंबित सभी 16 मामलों को अपने पास स्थानांतरित कर लिया था। जिसके बाद यह सुनवाई शुरू हुई है। सीपीसी आदेश 26 नियम नौ के तहत दाखिल अर्जी में दावा किया गया है कि भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है। और ऐसे कई प्रतीक हैं जो स्थापित करते हैं कि मस्जिद एक हिंदू मंदिर है।
कहा गया है कि वहां एक कमल के आकार का स्तंभ मौजूद है, जो हिंदू मंदिरों की एक उत्कृष्ट विशेषता है और शेषनाग की एक छवि भी वहां मौजूद है, जो हिंदू देवताओं में से एक है, जिन्होंने भगवान कृष्ण की उनके जन्म की रात में रक्षा की थी। अर्जी में यह भी कहा गया है कि मस्जिद के स्तंभ के आधार पर हिंदू धार्मिक प्रतीक और नक्काशी भी दिखाई देती है। इसको देखते हुए कोर्ट तीन अधिवक्ताओं का एक आयोग नियुक्त कर जांच के निर्देश दे। पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई जाए।