याची अधिवक्ता की दलील...पुनर्विवाह, पारिवारिक पेंशन जैसा मौलिक अधिकार
याची की वकील तनीषा जहांगीर मुनीर की दलील है कि जीवन साथी की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन की तरह ही जीवन जीने के लिए पुनर्विवाह भी मौलिक अधिकार है। लिहाजा, पारिवारिक पेंशन को पुनर्विवाह तक सीमित रखना व उसके बाद छीन लेना मौलिक अधिकार का हनन है। इसे असंवैधानिक घोषित किया जाना चाहिए।
अब सुनवाई 18 सितंबर को
कोर्ट ने मामले को लेकर प्रदेश सरकार और विभागीय वकीलाें से शासनादेशों का अध्ययन कर विधिक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। इस पर विभागीय वकील ने 31 मार्च 1982 और 23 अगस्त 2017 को जारी शासनादेश का हवाला दिया है। कोर्ट ने शासनादेशों के गहन अध्ययन लिए सभी पक्षों के वकीलों को मोहलत देते हुए मामले की सुनवाई 18 सितंबर को नियत की है।