धूमनगंज में प्रीतम नगर निवासी डिलीवरी बॉय रितेश सिंह का मोबाइल और पर्स बदमाशों ने छीन लिया। आरोप है कि दो दिन बाद एक बदमाश को पकड़कर थाने में सौंप दिया लेकिन पुलिस बोली कि वह लुटेरा नहीं था और उसे छोड़ दिया। मंगलवार को उसने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर अफसरों से शिकायत की।
मूलरूप से हमीरपुर के पाटनपुर निवासी रितेश सिंह ने शिकायत में बताया कि वह प्रीतम नगर में किराये के कमरे में रहकर एक ई-कॉमर्स कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करता है। 11 सितंबर की रात करीब 11:50 बजे एक ऑर्डर लेकर कालिंदीपुरम जा रहा था। सुबेदारगंज रेलवे क्रॉसिग के आगे पहुंचा तो छह से आठ लोगों ने रोक लिया। फिर हमला कर मोबाइल और नकदी भरा पर्स छीन कर फरार हो गए।
घायल अवस्था में उसने धूमनगंज थाने जाकर आपबीती सुनाई। लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। अगले दिन कंपनी में कार्य करने वाले अन्य डिलीवरी बॉय को इसकी जानकारी दी। इसके बाद 13 सितंबर को रात में उसी रास्ते से ग्रुप बनाकर गया। रात करीब 11:30 बजे बदमाशों ने फिर से लूटपाट करने का प्रयास किया लेकिन पीछे से आ रहे उसके साथियों ने एक बदमाश को दौड़ाकर पकड़ लिया और थाने में लाकर पुलिस को सौंप दिया।
आरोप है कि सुबह थाने पहुंचा तो लुटेरे को सामने लाकर उसको पहचानने के लिए कहा गया। इस पर उसने उस लुटेरे को पहचान लिया और बताया कि उसने ही पत्थर मारकर पर्स छीना था। इसके बाद पुलिस वालों ने आश्वासन दिया कि लूट का सामान बरामद हो जाएगा। एक-दो दिन बाद आकर संपर्क कर लेना। आरोप है कि 15 सितंबर को थाने गया तो पुलिस ने डांटकर कहा कि आप गलत आदमी को उठा लाए थे, वह चोर नहीं है। यह कहकर थाने से भगा दिया। यह भी कहा कि उसको छोड़ दिया गया है।
भुक्तभोगी ने शिकायत में बताया कि घटना के बाद से न तो मोबाइल और ना ही पर्स मिला वापस मिला है। मामले में धूमनगंज थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि एक युवक को लाया गया था लेकिन घटना में संलिप्तता की पुष्टि नहीं होने पर उसे छोड़ दिया गया। जांच पड़ताल कराई जा रही है।