सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो डिलीट कराने का झांसा देकर साइबर ठगों ने कटरा के रहने वाले एक शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर 7.32 लाख रुपये की चपत लगा दी। ठग ने खुद को नई दिल्ली पुलिस का डीएसपी बताया और कहा कि तुरंत वीडियो डिलीट नहीं हुई तो गिरफ्तार कर जेल भेज दूंगा। वहीं, दूसरी तरफ एक शिक्षक समेत तीन से ठगों ने 51.91 लाख रुपये की चपत लगा दी है। सभी मामलों में साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। कटरा के रहने शिक्षक ने पुलिस को बताया कि ठगों ने उनका आपत्तिजनक बनाया है। उनके पास सुनील दत्त दुबे का नाम के व्यक्ति का फोन आया। कहा कि वह दिल्ली पुलिस का डीएसपी है। किसी ने सोशल मीडिया पर आपकी आपत्तिजनक वीडियो अपलोड की है। इस वजह से आईपीसी 392 के तहत नई दिल्ली के मंडावली फाजलपुर ऑफिस में केस दर्ज किया गया है। केस की जांच वह खुद कर रहे हैं। उसने कहा कि अगर वीडियो डिलीट नहीं हुई तो गिरफ्तार कर जेल भेज दूंगा। जिससे आपकी नौकरी भी चली जाएगी। इसके बाद उसने एक मोबाइल नंबर दिया और कहा कि यह आपका वीडियो डिलीट कर देगा। केस को बंद करने के एवज में जमा कराए पैसे शिकायत में बताया कि संपर्क करने पर वीडियो डिलीट करने के एवज में पहले 41,500 रुपये और फिर 41 हजार ट्रांसफर करवा लिया। फिर खुद को डीएसपी बताने वाले ने केस को बंद करने का दबाव बनाकर 1.50 लाख और फिर पांच लाख रुपये जमा करवा लिए। इस तरह कुल 7,32,500 रुपये की ठगी हुई है। इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी गई। साइबर थाना प्रभारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि बैंक खाता नंबर के आधार पर ठगों की पहचान की जा रही है। निवेश के नाम पर 26.45 लाख की ठगी प्रयागराज। अलोपीबाग निवासी शिक्षक राजशेखर शुक्ल ने पुलिस को बताया कि उनका बैंक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक में हैं। इसी दोनों खातों से पिछले करीब 40 दिनों से व्हॉट्सएप प्लेटफार्म के माध्यम से एक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग की गई। ट्रेडिंग कराने वाले ने खुद को रजिस्टर्ड स्टाॅक ब्रोकर बताकर सेबी से प्रमाणित प्रमाण पत्र दिखाकर झांसा दिया और फिर ट्रेडिंग प्लेटफार्म पर गलत शेयर आवंटन का मुनाफा दिखाया। इसी झांसे में आकर दोनों बैंक खातों से 26.45 लाख रुपये निवेश कर दिया। बाद में पता चला कि ट्रेडिंग एप पूरी तरह से फर्जी है। असली डीमैट खाते में शेयर जमा ही नहीं हुए और अब रुपये भी नहीं निकले रहे हैं। व्हॉट्सएप पर राम मनोहर, वमसी रामाना और अनाया मेहरा के संपर्क में हैं। ये सभी इंटरनल सब्सक्रिप्शन के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। ऐसा नहीं करने पर जमा राशि को जब्त करने की धमकी दी है। साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। रुपये दोगुना करने का झांसा देकर ठगे 2.69 लाख लूकरगंज के रहने वाले अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि उनके पास 17 जनवरी 2025 को व्हॉट्सएप पर मैसेज आया। संपर्क करने पर उसने खुद का नाम संजू बताकर कहा कि पैसा लगाने पर एक माह में दोगुना होने की गारंटी है। इसके बाद नौ जून को व्हॉट्सएप पर सबा नाम की युवती ने संपर्क कर रुपये दोगुना करने का लालच दिया। झांसे में आकर सबा की ओर से भेजे गए क्यूआर कोड के माध्यम से 2.69 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद उसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। इंटरनेट पर डॉक्टर से संपर्क करने पर 22.77 लाख चपत करेली के जमीरनगर के रहने वाले एहतसामुद्दीन सिद्दीकी ने उन्होंने डॉक्टर से संपर्क करने के लिए इंटरनेट के माध्यम से मोबाइल नंबर निकाला। संपर्क होने के बाद एडवांस फीस जमा कराई गई। इसके बाद ठगों ने बैंक खाते से 22.77 लाख रुपये की चपत लगा दी। 10 बार में हुए ट्रांजक्शन में न तो कोई मैसेज आया और ना ओटीपी आया है। साइबर पुलिस ने केस दर्ज किया है।