इलाहाबाद (ब्यूरो)। सारस्वत खत्री पाठशाला सोसाइटी और एसएस खन्ना डिग्री कॉलेज की ओर से एकेडमिक क्षेत्र के लिए दिया जाने वाला एक लाख रुपये का दामोदरश्री अवॉर्ड देहरादून की रहने वाली और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, बंगलूरू की लॉ तीसरे वर्ष की छात्रा भुवन्या विजय को दिया गया। 51 हजार रुपये का दूसरा पुरस्कार नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली की अनामिका मिश्रा को मिला जबकि 31 हजार रुपये का तीसरा पुरस्कार नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, गुजरात के अरिंजय एस.व्यास को मिला। पुरस्कार चयन समिति ने सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी का 21 हजार का पुरस्कार अंसल यूनिवर्सिटी, गुड़गांव की जैसला वालिया को तथा सर्वश्रेष्ठ पुरुष प्रतिभागी का 31 हजार रुपये का पुरस्कार गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के संतोष पाल को प्रदान दिया।
एसएस खन्ना डिग्री कॉलेज की ओर से निबंध लेखन के क्षेत्र में आयोजित दामोदरश्री अवॉर्ड पांचवीं बार देहरादून की छात्रा भुवन्या विजय को दिया गया। राज्यपाल राम नाईक और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड ने ‘मानव होने का अर्थ’ विषय पर हुई निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने विजेताओं को श्रेष्ठ लेखन के लिए बधाई देने केसाथ अन्य छात्र-छात्राओं को आगे इस पुरस्कार को जीतने के लिए प्रेरित किया।
दामोदरश्री अवॉर्ड समिति ने अगले वर्ष 2016 से प्रथम पुरस्कार की राशि एक लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दी है। इसकी घोषणा दामोदरश्री अवॉर्ड समिति के चेयरमैन न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने की। कार्यक्रम में मौजूद इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए सत्यनारायण ने राज्यपाल एवं मुख्य न्यायाधीश के धन्यवाद के साथ कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन किया। उन्होंने पुरस्कार जीतने वाले छात्र-छात्राओं से कहा कि लगातार सफलता हासिल करते रहें, जीवन में कभी ठहराव न आने दें।