चंद्रशेखर आजाद पार्क में प्रवेश के लिए लागू टिकट व्यवस्था पहले ही दिन ध्वस्त हो गई। उद्यान विभाग की आधी-अधूरी तैयारी के कारण बुधवार को मुख्य गेट के टिकट काउंटर पर दोपहर 12 बजे के बाद ही टिकट खत्म हो गए। इसके बाद मुख्य गेट से लोगों की इंट्री फ्री कर दी गई। वैसे टिकट लगने के क्रारण पहले ही दिन पार्क में आने वालों की संख्या काफी कम हो गई। सुबह पार्क में टहलने आने वालों ने भी लाइन में लगकर टिकट खरीदे। पहले दिन टिकट की बिक्री से उद्यान विभाग को करीब 25 हजार रुपये की आय हुई।
उद्यान विभाग में जल्दबाजी में टिकट व्यवस्था लागू तो कर दी लेकिन इसके लिए पर्याप्त मात्रा में टिकट नहीं छपवाए गए। पहले दिन पार्क के चार गेटों पर खुले काउंटरों से 2200 टिकटों की बिक्री हुई। इसके अलावा सीजनल टिकट पास के लिए 1400 फॉर्म बिके। टिकट खत्म होने के कारण दोपहर बाद पहुंचे लोगों को पार्क के अंदर फ्री इंट्री दी गई। वैसे बरसों से पार्क आने वालों के लिए बुधवार की सुबह नए अनुभव की तरह थी। सुरक्षाकर्मी चाक चौबंद थे, टिकट लेने वालों को ही प्रवेश दिया जा रहा था। कुछ ने टिकट लिया तो कुछ ने पास के लिए फार्म। इनमें बहुत से ऐसे लोग भी रहे जो बिना टिकट लिए ही सैर करने में सफल रहे।
चंद्रशेखर आजाद पार्क के खुलने का समय सुबह पांच है और इसे रात दस बजे बंद किया जाता है। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से एडीए ने पार्क का सुंदरीकरण कराया है। इसमें झील बनाने के साथ जॉजिंग ट्रैक, पाथवे, आईलैंड का निर्माण कराया गया। एलईडी लाइटें लगवाने के साथ पुलिस बूथ, वाटर मशीन, टॉयलेट आदि भी बनाए गए। फिर प्रशासन ने मंथन के बाद पार्क में प्रवेश के लिए पांच रुपये शुल्क निर्धारित किया। पांच साल तक के बच्चों को टिकट से मुक्त रखा गया। टिकट बिक्री से अर्जित आय को उद्यान विभाग पार्क की देखरेख व मेेंटेनेंस पर खर्च करेगा। पहला दिन होने के कारण रोकटोक भी न के बराबर रही। उद्यान अधीक्षक आरएस यादव ने बताया कि पहला दिन जो खामियां सामने आई हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा।
प्रशासन ने पार्क घूमने जाने वालों के लिए प्रति व्यक्ति पांच रुपये शुल्क निर्धारित किया है। मॉर्निग वॉक के लिए रोज सुबह या शाम पार्क जाने वालों के लिए सीजन पास की व्यवस्था की गई है। एक महीने के मासिक पास के लिए सौ रुपये, त्रैमासिक पास के लिए 250 रुपये, अर्द्धवार्षिक पास के लिए पांच सौ रुपये और वार्षिक टिकट पास के लिए एक हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके लिए जो फार्म दिया जा रहा है, उसके लिए दस रुपये लिए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि एफोर पेपर शीट पर फोटो स्टेट फॉर्म के दस रुपये लेना अनुचित है। टिकट काउंटर पर लोगों ने फॉर्म लेते समय इस पर नाराजगी जताई। हालांकि पहले ही दिन फॉर्म लेने और जमा करने वालों की कमी नहीं रही।
टिकट व्यवस्था लागू होने से चंद्रशेखर आजाद पार्क में बुधवार को रोज की तरह भीड़भाड़ नहीं दिखी। कृतिम झील के पास बना सेल्फी प्वाइंट भी खाली था और फूड जोन का पार्क में भी इक्का दुक्का लोग रहे। सुबह के बाद शाम को भी लोग पार्क पहुंचे लेकिन रोज की तरह भीड़ नहीं रही।
पार्क के सभी गेटों पर बुधवार को सुरक्षा कर्मी मुस्तैद रहे। टिकट देखकर ही लोगों को प्रवेश दिया गया। दोपहर बाद उन प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मी बगल हो गए, जहां टिकट खत्म हो गए थे।