गांव के ही बैजनाथ पटेल ने धुन्नी लाल साहू को अपने घर के सामने गोबर फेंकने से मना किया किया था। जिससे गुसाए धुन्नी लाल उसके, भाई नन्हाई, भाई लाल साहू और धुन्नी के नाबालिग बेटे ने बैजनाथ के दो बेटों के साथ मारपीट, गाली गलौज शुरू कर दिया।
जिला न्यायालय ने बीस साल पहले गोबर फेंकने के विवाद में हुई मारपीट के दौरान हुई गैर इरादतन हत्या के लिए दो बुजुर्गो को दस साल के कारावास और साढ़े पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई हैं। यह फैसला अपर सत्र न्यायधीश कुमारी अनीता की अदालत ने सुनाया है। बीस साल पुराना यह मामला प्रयागराज के थाना नवाबगंज अंतर्गत ग्राम दुइजी का पुरवा का है।
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गांव के ही बैजनाथ पटेल ने धुन्नी लाल साहू को अपने घर के सामने गोबर फेंकने से मना किया किया था। जिससे गुसाए धुन्नी लाल उसके, भाई नन्हाई, भाई लाल साहू और धुन्नी के नाबालिग बेटे ने बैजनाथ के दो बेटों के साथ मारपीट, गाली गलौज शुरू कर दिया। जब बैजनाथ के घायल बेटे रामकुमार और छोटे लाल गांव के ही शिवबोध पटेल के साथ घटना की सूचना देने थाने जा रहे थे तभी रात दस बजे इन तीनों ने रास्ते में सभी पर लाठी डंडे से फिर हमला कर दिया। इस हमले में शिवबोध के सर में गहरी चोट आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
मामले में विवेचना के बाद पुलिस ने धुन्नी लाल, उसके भाई नन्हाई, भाईलाल और नाबालिग बेटे के खिलाफ गैरीरदातन हत्या और गली गलौज का आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि और एडीजीसी अमित मालवीय ने दस गवाह पेश किए। गोबर फेंकने के छोटे से विवाद का लगभग 20 साल बाद फैसला आया।
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अदालत ने 70 की उम्र पार कर चुके धुन्नी लाल साहू और भाई लाल को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया, जबकि गाली देने का आरोप सिद्ध नहीं हुआ। अदालत में दोनो को दस साल के कारावास और साढ़े पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। नाबालिग और एक अन्य मुल्जिम ननहाई की अनुपस्थित के कारण उनकी पत्रावली अलग कर दी गई है। उनके मुकदमों की सुनवाई अलग से होगी।