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Prayagraj: स्वामी चिन्मयानंद की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित, कई गंभीर बीमारियों का दिया हवाला

Wed, 21 Dec 2022 02:46 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज।

सार

राज्य सरकार ने नौ मार्च 2018 को चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज दुराचार के केस को वापस लेने का फैसला करते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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chinmayanand - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की अपनी शिष्या से दुराचार मामले में अग्रिम जमानत पर  निर्णय सुरक्षित कर लिया है। अर्जी की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल ने की। स्वामी के खिलाफ  वर्ष 2011 में आश्रम की एक शिष्या को बंधक बनाकर दुराचार करने के आरोप में शाहजहांपुर कोतवाली में एफ आईआर दर्ज है।

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पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। धारा 376 तथा 506 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। राज्य सरकार ने नौ मार्च 2018 को चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज दुराचार के केस को वापस लेने का फैसला करते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

निचली अदालत के इस फैसले को  वर्ष 2018 में ही चुनौती दी गई थी। स्वामी चिन्मयानंद की ओर से 76 वर्ष की उम्र और कई गंभीर बीमारियां होने के आधार पर राहत की मांग की गई थी।
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हाईकोर्ट ने स्वामी चिन्मयानंद को 30 अक्तूबर तक शाहजहांपुर की अदालत में हाजिर होने को कहा।  साथ ही अर्जी देने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद स्वामी चिन्मयानंद की ओर से शाहजहांपुर की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दी गई, जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया। इस पर यह अर्जी दाखिल की गई है।

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