कई समस्याओं को लेकर समाजसेवी मुकुंदलाल, अखिलेश कुमार केशरी, महंत राजेंद्र गिरि और शंभूनाथ बांसुरियां बाबा अनशन पर बैठे थे। बुधवार को जब अनशन करने वाले लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी तो एसडीएम हंडिया रमेश मौर्य मौके पर पहुंचे।
विकासखंड के खेरूवा नेवादा गांव मेें स्थानीय समस्याओं के लेकर पांच दिनों तक अनशन पर बैठे बुजुर्ग समाजसेवी मुकुंदलाल (80) की बुधवार को देर रात तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बुधवार को ही उनका अनशन उपजिलाधिकारी हंडिया रमेश मौर्य ने समाप्त कराया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच के बाद उनको घर भेज दिया गया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
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कई समस्याओं को लेकर समाजसेवी मुकुंदलाल, अखिलेश कुमार केशरी, महंत राजेंद्र गिरि और शंभूनाथ बांसुरियां बाबा अनशन पर बैठे थे। बुधवार को जब अनशन करने वाले लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी तो एसडीएम हंडिया रमेश मौर्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने अनशनकारियों को समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया था। इसके बाद जूस पिलाकर परीक्षण अनशन खत्म कराया गया। प्रशासन ने एंबुलेंस से अनशनकारियों को अस्पताल पहुंचाया।
जांच के बाद चिकित्सकों ने सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी। घर पहुंचने के बाद देर रात खेरूवा नेवादा गंाव निवासी मुकुंदलाल की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। इस बीच उनकी सांसें थम गईं। परिवार में कोहराम मच गया। मुकुंदलाल के तीन बेटे है। सभी मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहे है। उनका अंतिम संस्कार स्थानीय गंगा घाट पर किया गया।