धूमनगंज के महेंद्र नगर के रहने वाले 12 वर्षीय शांतनु कुमार का शव सोमवार की शाम कोरड़ा घाट पर उतराता मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और परिजन घाट पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। बच्चे का शव देख मां बदहवाश हो गई।
बाल किशन चौहान मूलरूप से राजस्थान के बारा थाने के पड़ेरा गांव के रहने वाले हैं। उनकी शादी महेंद्र नगर की ज्योति देवी के साथ हुई थी। बरेली में रहकर वह ठेकेदारी का काम करते हैं। शांतनु उनके दो बेटों में दूसरे नंबर का था। मामा अमर कुमार गिरि ने बताया कि उनका भांंजा रविवार सुबह करीब 10 बजे घर से खेलने के लिए निकला था। दोपहर बाद जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरू की गई। न मिलने पर ये कयास लगाया गया कि शायद वह संगम पर एयर शो देखने गया हो।
वह जब देर शाम भी जब घर नहीं पहुंचा तो उसके कई दोस्तों से पूछताछ की गई। लेकिन, उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। सोमवार की सुबह एयरपोर्ट चौकी पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस के साथ सभी जगह शांतनु को खोजा गया लेकिन उसका पता नहीं चला। उधर, देर शाम को कोरड़ा गंगा घाट पर एक शव मिलने की सूचना मिली। वहां पहुंचने पर पता चला वह शांतनु का शव है। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। शांतनु कन्हैयापुर मोड़ स्थित एमडी विद्या मंदिर में कक्षा पांच में पढ़ाई कर रहा था। आशंका जताई जा रही है कि घाट पर स्नान करने के दौरान यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।