किशोरी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी 14 अक्तूबर की रात सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन से बरामद की गई, लेकिन उन्हें सूचना नहीं दी गई। किशोरी को कल्याणपुर के बूथ प्रभारी सब इंस्पेक्टर रवींद्र शर्मा बिना महिला कांस्टेबल के छह घंटे तक साथ रखा।
किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में पीड़िता की बरामदगी के बाद आरोपी युवक का दूसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका है। इससे पहले पीड़िता के परिजनों ने कल्याणपुर के बूथ प्रभारी दरोगा रवींद्र शर्मा पर आरोपी युवक को जान बूझकर भगाने और किशोरी के याैन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया गया था।
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मामले में आरोपी के पिता आशाराम, चाचा रामसिंह और दोस्त शिवकुमार को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। दूसरी ओर डीसीपी ने दरोगा पर लगे याैन शोषण के आराेप को निराधार बताया है। साथ ही कहा है कि विवेचना में लापरवाही के कारण निलंबन की कार्रवाई की गई है।
किशोरी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी 14 अक्तूबर की रात सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन से बरामद की गई, लेकिन उन्हें सूचना नहीं दी गई। किशोरी को कल्याणपुर के बूथ प्रभारी सब इंस्पेक्टर रवींद्र शर्मा बिना महिला कांस्टेबल के छह घंटे तक साथ रखा। इस दाैरान बेटी का अपहरण करने वाले आरोपी आकाश पटेल को जानबूझकर छोड़ दिया गया। अगले दिन किशोरी को परिजनों के हवाले कर दिया गया। इसके बाद परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया कि दरोगा ने पीड़िता का यौन शोषण किया है।
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इस संबंध में डीसीपी गंगापार कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि विभागीय जांच में याैन शोषण के आरोप निराधार पाए गए हैं, हालांकि विवेचना में लापरवाही पाए जाने पर दरोगा को निलंबित किया गया है। मामले में शुक्रवार को पीड़िता किशोरी का न्यायालय में बयान दर्ज कराने के साथ ही मेडिकल परीक्षण कराया गया है। हालांकि अभी यह खुलासा नहीं हुआ कि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष क्या बयान दिए हैं। वहीं मामले में मेडिकल रिपोर्ट भी अहम है जिसका पुलिस को इंतजार है। दूसरी ओर पुलिस ने शुक्रवार को किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोपी आकाश की तलाश में दबिश दी लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।