जबकि प्रतिवाद करते हुए याची के अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी ने कोर्ट को बताया कि पुलिस उपायुक्त ने एक अड़ियल रवैया अपनाते हुए कहा है कि वह याची को काम नहीं करने देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। उन्होंने अपना निजी हलफनामा एक दिखावे के रूप में दायर किया है।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस उपायुक्त ने याची से कहा है कि उनका हलफनामा सिर्फ कागजी कार्यवाही है और कोर्ट आदेश ही पारित कर सकता है, इसके अलावा कुछ नहीं कर सकता। खफा कोर्ट ने जिला जज गाजियाबाद को मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस लाइंस का निरीक्षण करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि निरीक्षण के दौरान डीएम गाजियाबाद और पुलिस आयुक्त मौजूद रहेंगे। कोर्ट ने निर्देशित किया है कि जिला जज पुलिस उपायुक्त के हलफनामे के प्रस्तर 10 में किए गए दावे की सत्यता को सभी संभावित स्रोतों से सत्यापित करेंगे। कोर्ट ने आदेश की प्रति तत्काल जिला जज, पुलिस आयुक्त को भेजने का आदेश दिया है।