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UP News : डीसीपी ने कहा- हाईकोर्ट आदेश ही दे सकता है, कर कुछ नहीं सकता, नाराज हाईकोर्ट ने दिया यह आदेश

Wed, 02 Oct 2024 05:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामला गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट से जुड़ा है। याची जितेंद्र ने निलंबन के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने निलंबन पार स्थगन आदेश पारित किया था, लेकिन उसे पुलिस उपायुक्त बहाल नहीं कर रहे थे। कोर्ट ने 23 सितंबर को पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया था।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को कागजी कार्यवाही बताते हुए याची पुलिसकर्मी को काम न करने देने की धमकी देने के पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन पर लगे आरोप की जांच के लिए जिला जज को गाजियाबाद पुलिस लाइंस का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। इस दौरान डीएम, पुलिस आयुक्त भी उनके साथ रहेंगे। साथ ही गाजियाबाद ट्रांस हिंडन के पुलिस उपायुक्त निमिष दशरथ पाटिल को तीन अक्तूबर को हाईकोर्ट में तलब किया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने निलंबित उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार दीक्षित की याचिका पर दिया है।

मामला गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट से जुड़ा है। याची जितेंद्र ने निलंबन के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने निलंबन पार स्थगन आदेश पारित किया था, लेकिन उसे पुलिस उपायुक्त बहाल नहीं कर रहे थे। कोर्ट ने 23 सितंबर को पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया था।

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कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस उपायुक्त ने हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को बताया कि निलंबन के समय याची इंद्रापुरम, वसुंधरा, कमिश्नरेट, गाजियाबाद में स्टेशन हाउस ऑफिसर के पद पर तैनात था। न्यायालय के 29 अगस्त के आदेश के अनुपालन में उसे ड्यूटी पर ले लिया गया है। वह इस वक्त पुलिस लाइंस गाजियाबाद में इंस्पेक्टर के उक्त पद पर सेवाएं दे रहा है।

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जबकि प्रतिवाद करते हुए याची के अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी ने कोर्ट को बताया कि पुलिस उपायुक्त ने एक अड़ियल रवैया अपनाते हुए कहा है कि वह याची को काम नहीं करने देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। उन्होंने अपना निजी हलफनामा एक दिखावे के रूप में दायर किया है।

उन्होंने दावा किया कि पुलिस उपायुक्त ने याची से कहा है कि उनका हलफनामा सिर्फ कागजी कार्यवाही है और कोर्ट आदेश ही पारित कर सकता है, इसके अलावा कुछ नहीं कर सकता। खफा कोर्ट ने जिला जज गाजियाबाद को मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस लाइंस का निरीक्षण करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने कहा है कि निरीक्षण के दौरान डीएम गाजियाबाद और पुलिस आयुक्त मौजूद रहेंगे। कोर्ट ने निर्देशित किया है कि जिला जज पुलिस उपायुक्त के हलफनामे के प्रस्तर 10 में किए गए दावे की सत्यता को सभी संभावित स्रोतों से सत्यापित करेंगे। कोर्ट ने आदेश की प्रति तत्काल जिला जज, पुलिस आयुक्त को भेजने का आदेश दिया है।

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