बार काउंसिल के सदस्य ने मुख्य न्यायमूर्ति को लिखे पत्र में कहा है कि एचजेएस और पीसीएस मेंस में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में से कुछ परीक्षार्थियों को दोनों परीक्षाएं देनी हैं। अगर परीक्षा तिथि में परिवर्तन नहीं किया गया तो अभ्यर्थियों को कोई एक परीक्षा छोड़नी पड़ जाएगी।
उच्च न्यायिक सेवा (एचजेएस) और पीसीएस की मुख्य परीक्षाओं की तिथियां आपस में टकरा गईं हैं। कई अभ्यर्थियों को दोनों मुख्य परीक्षाओं में शामिल होना है। अगर परीक्षा की तिथि में परिवर्तन नहीं हुआ तो अभ्यर्थियों को इनमें से किसी एक परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा। अभ्यर्थियों की इस समस्या के मद्देनजर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य अनुराग पांडेय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति को पत्र लिखकर एचजेएस मेंस की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है।
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अनुराग पांडेय ने अपने पत्र में लिखा है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 19 जनवरी को ही इस आशय की विज्ञप्ति जारी कर दी थी कि पीसीएस मुख्य परीक्षा 23 से 27 मार्च तक आयोजित की जाएगी। इसके बाद पांच मार्च को पीसीएस मुख्य परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया, जिसके अनुसार 23, 24, 25 एवं 27 मार्च को मुख्य परीक्षा होगी। वहीं, उच्च न्यायालय ने दो मार्च को एचजेएस की मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया था, जिसके अनुसार 25, 26 एवं 27 मार्च को एचजेएस मेंस का आयोजन किया जाना है।
बार काउंसिल के सदस्य ने मुख्य न्यायमूर्ति को लिखे पत्र में कहा है कि एचजेएस और पीसीएस मेंस में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में से कुछ परीक्षार्थियों को दोनों परीक्षाएं देनी हैं। अगर परीक्षा तिथि में परिवर्तन नहीं किया गया तो अभ्यर्थियों को कोई एक परीक्षा छोड़नी पड़ जाएगी।
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दोनों परीक्षाएं समान तिथियों में होने के कारण शहर में परीक्षार्थियों की संख्या भी काफी अधिक होगी, जबकि कोविड प्रोटोकॉल के कारण होटलों में कमरे मिलने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में दूसरे जिलों से आने वाले परीक्षार्थी परेशान होंगे। साथ ही संक्रमण का खतरा बढ़ेगा। सदस्य ने मुख्य न्यायमूर्ति से आग्रह किया है कि जेएचएस मुख्य परीक्षा किसी अन्य तिथि पर कराए जाने को लेकर विचार किया जाए।