मेजा। भटौती पहाड़ी पर दो दर्जन से अधिक क्रशर प्लांट संचालित हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, क्रशर प्लांट संचालक पत्थर तोड़ाई के बाद बड़े-बड़े गड्ढे छोड़ देते हैं, जो तालाब का आकार ले लेते हैं। आए दिन इसमें लोग गिरते हैं। बारिश के समय गड्ढे जानलेवा साबित होते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां नियम विरुद्ध काम किया जाता है। खोदाई इतना नीचे तक कर दी जाती है कि पानी निकलने लगता है। सामान्य दिनों में भी गड्ढों में पानी भरा रहता है। बारिश में पानी ऊपर तक आ जाता है, जिससे गहराई का अनुमान नहीं लग पाता। भाजपा नेता रंजय मिश्रा ने बताया कि इसकी शिकायत कई दफे खनन अधिकारी से की गई लेकिन न तो खनन के बाद गड्ढे को मिट्टी से भरा गया और न ही क्रशर प्लांट संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई। संवाद
क्रशर प्लांट संचालकों को नोटिस भेजकर किए गड्ढों को भरने की व्यवस्था तय की जाएगी। छात्र कगी मौत के मामले में यदि लापरवाही पाई गई तो प्लांट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र प्रताप यादव, उप जिलाधिकारी मेजा।
रात में घूमकर आया, सुबह फिर निकल गया
कोंहड़ार घाट। कोंहड़ार के पुरानाडीह का रहने वाला बारहवीं का छात्र अजय चौधरी शनिवार को कौंधियारा के पटपर क्षेत्र में साथियों संग पिकनिक मनाने गया था। वहां से रात में लौटा तो काफी थका था। घर में खाना भी नहीं खाया और सो गया। रविवार को फिर घूमने के चक्कर में दोस्तों के साथ भटौती पहाड़ी पर पहुंच गया।
परिजनों के मुताबिक, इस दिनों अजय घूमने के चक्कर में जरूर कहीं न जाता था। मां सुनीता देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। बेटे की मौत से दुखी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि अजय मेधावी छात्र था। बड़े भाई संजय चौधरी ने बताया कि अजय ने पहले पानी भरे गड्ढे में स्नान किया फिर सभी साथियों के साथ मोबाइल फोन पर सेल्फी ले रहा था कि उसका दाहिना पैर फिसला और गिर गया। उसे तत्काल निकाला गया लेकिन बचाया नहीं जा सका।