मेला प्रशासन दावे के बावजूद भूमि आवंटन शुरू होने से पहले पांटून, सड़क बिजली, पेयजल शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से दंडीनगर बसाने आए दंडी संन्यासी अपने स्थानों को लौट गए। बुधवार को भूमि आवंटन के बाद दंडी संन्यासियों ने भूमि पूजन कर बुनियादी व्यवस्था उपलब्ध होने के बाद शिविर लगाने का निर्णय लिया।
मंगलवार को भूमि आवंटन शुरू नहीं हुआ। कटान के चलते कम भूमि दिए जाने का दंडी संन्यासियों ने विरोध किया और कम भूमि लेने को राजी नहीं हुए। दिन भर मेला प्रशासन के अधिकारी अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम समेत पदाधिकारियों के साथ वार्ता करते रहे। मेला प्रशासन द्वारा पूरी जमीन आवंटित किए जाने और सेक्टर कार्यालय से समस्याओं का समाधान करने के आश्वासन के बाद बुधवार को दंडीबाडा की भूमि आवंटन पूरा हुआ। लेकिन शिविर लगाने के लिए रुके नहीं।
महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम का कहना है कि दंडी संन्यासियों की अरसे से मांग रही है कि दंडी संन्यासियों को भूमि आवंटन किए जाने से दंडीनगर में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। आवंटन से पहले सड़क, पांटून पुल का निर्माण करा लिया जाए। मेला प्रशासन ने लिखित में आश्वासन दिया इसके बावजूद मेला क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। इस बार माघ मेला 12 जनवरी से शुरू हो जाएगा। शिविर लगाने के लिए पर्याप्त समय नहीं है। प्रवक्ता आचार्य कुशमुनि के मुताबिक संतों में नाराजगी है। बुनियादी सुविधाओं के बगैर दंडी संन्यासी शिविर नहीं लगाएंगे।