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Prayagraj : कर्तव्य पथ से लौटने पर नृत्यांगना सपना और उनकी टीम का किया गया जोरदार स्वागत

Sun, 28 Jan 2024 12:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोबरा आर्मी प्री- प्राइमरी स्कूल न्यू कैंट की नृत्य शिक्षिका सपना ने कर्तव्य पथ पर नारी सशक्तिकरण थीम पर आधारित नृत्य प्रस्तुत दी। इसमें उनके साथ सहयोगी कलाकार के तौर पर दिव्यांशी साहू, शगुन सिंह, अराधना यादव, गुनगुन बाजपेई, अनुष्का, आयुषी यादव, सृष्टि, निकिता यादव, नानू शेरपा, तनीषा जायसवाल और प्रेरणा भी शामिल रहीं।
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प्रयागराज जंक्शन पर नृत्यांगन सपना द्विवेदी और अन्य सदस्यों का जोरदार स्वागत किया गया। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के समारोह में अपनी प्रस्तुति देकर लौटीं नृत्यांगन सपना द्विवेदी और उनकी टीम का प्रयागराज जंक्शन पर जोरदार स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने फूल मालाओं से लाद दिया। ढोल और तासे पर लोग जमकर थिरके और सपना द्विवेदी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। नृत्यांगना सपना द्विवेदी ने गणतंत्र दिवस परेड के बाद अपनी 11 सदस्यीय टीम के साथ ‘नारी शक्ति’ की थीम पर लोक गीत कजरी के भावों पर प्रस्तुति दी थी। जिसे खूब सराहा गया था।

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यूपी की ओर से प्रतिनिधित्व के लिए एनसीजेडसीसी की ओर से चयनित किए जाने पर उनकी टीम काफी उत्साहित है। कोबरा आर्मी प्री- प्राइमरी स्कूल न्यू कैंट की नृत्य शिक्षिका सपना ने कर्तव्य पथ पर नारी सशक्तिकरण थीम पर आधारित नृत्य प्रस्तुत दी। इसमें उनके साथ सहयोगी कलाकार के तौर पर दिव्यांशी साहू, शगुन सिंह, अराधना यादव, गुनगुन बाजपेई, अनुष्का, आयुषी यादव, सृष्टि, निकिता यादव, नानू शेरपा, तनीषा जायसवाल और प्रेरणा भी शामिल रहीं। इनके दल ने पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व भी किया। 

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सपना और उनकी टीम की नृत्यांगनाएं पिछले एक महीने से नई दिल्ली में चुनिंदा प्रशिक्षिकों की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही हैं। सुलेमसराय की रहने वाली सपना एनसीजेडसीसी के साथ पिछले 10 सालों से जुड़ी हैं और वह अब तक देश भर में कई मंचों पर प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। इसके साथ ही दूरदर्शन और आकाशवाणी के लिए भी उन्होंने दर्जनों शो किए हैं। वह बतातीं हैं कि बचपन से ही उनका रुझान कथक और भरतनाट्यम की ओर रहा। पांच साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्कूल में कथक के परिधान पहने थे। इसके बाद जो नृत्य का सफर शुरू हुआ, वह अब तक जारी है।











सपना ने बताया कि शादी के बाद करीब पांच साल तक उन्होंने किसी भी बड़े सांस्कृतिक मंच पर प्रतिभाग नहीं किया था, लेकिन जब उन्हें संस्कृति मंत्रालय की ओर से प्रस्ताव आया तब आबकारी विभाग में तैनात उनके पति विपिन कुमार ने उन्हें बाहर निकलने की न सिर्फ छूट दी, बल्कि आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

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