सपना और उनकी टीम की नृत्यांगनाएं पिछले एक महीने से नई दिल्ली में चुनिंदा प्रशिक्षिकों की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही हैं। सुलेमसराय की रहने वाली सपना एनसीजेडसीसी के साथ पिछले 10 सालों से जुड़ी हैं और वह अब तक देश भर में कई मंचों पर प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। इसके साथ ही दूरदर्शन और आकाशवाणी के लिए भी उन्होंने दर्जनों शो किए हैं। वह बतातीं हैं कि बचपन से ही उनका रुझान कथक और भरतनाट्यम की ओर रहा। पांच साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्कूल में कथक के परिधान पहने थे। इसके बाद जो नृत्य का सफर शुरू हुआ, वह अब तक जारी है।
सपना ने बताया कि शादी के बाद करीब पांच साल तक उन्होंने किसी भी बड़े सांस्कृतिक मंच पर प्रतिभाग नहीं किया था, लेकिन जब उन्हें संस्कृति मंत्रालय की ओर से प्रस्ताव आया तब आबकारी विभाग में तैनात उनके पति विपिन कुमार ने उन्हें बाहर निकलने की न सिर्फ छूट दी, बल्कि आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया।