एफडी पर ले लिया 6.36 लाख का लोन
अरुण कुमार पाठक ने साइबर पुलिस को बताया कि बैंक से पता चला कि पांच अक्तूबर को जालसाज ने उनकी एफडी पर 6.36 लाख रुपये का लोन भी ले लिया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि बिना खाताधारक की अनुमति के जालसाज ने लोन कैसे पास करवा लिया। वहीं, साइबर पुलिस के अफसरों ने बताया कि लोन के बारे में बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ होगी।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 12.55 लाख निकाले
वहीं, ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर पुराना बैरहाना निवासी अजितेश कुमार से साइबर जालसाज ने 12.55 लाख रुपये ऐंठ लिए। शिकायत में पीड़ित ने बताया कि शेयर ट्रेडिंग एप बीआरडीटी से निवेश करने पर फायदा दिलाने का झांसा दिया गया। इस पर अलग-अलग रकम निवेश कर दी। अब पैसे ट्रांजक्शन करने पर 25 फीसदी सर्विस फीस जमा करने को कहा जाने लगा। जालसाज ने कहा, सर्विस फीस जमा करने पर ही पैसा ट्रांजक्शन होगा।
लिंक क्लिक करते ही होता है एप डाउनलोड : विशेषज्ञ
यूपी पुलिस के साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा बताते हैं कि अक्सर जालसाज कम समय में अधिक पैसा कमाने या फिर निवेश करने का झांसा देकर मोबाइल पर लिंक भेजते हैं। झांसे में आकर लोग लिंक को क्लिक कर देते हैं। जिससे पीड़ित के मोबाइल पर एनी डेस्क समेत कई तरह के एप इंस्टाल हो जाते हैं और इसी का फायदा उठाकर जालसाज मोबाइल को अपने नियंत्रण में ले लेते हैं।