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Cyber Crime : सिविल सेवा की तैयारी करने वाला निकला साइबर ठग, कंप्यूटर साइंस में कर चुका है बीएससी

Sat, 02 Jul 2022 10:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पकड़ा गया आरोपी धीरज प्रजापति है जो मूल रूप से लखनीपुर, पट्टी प्रतापगढ़ का रहने वाला है। वर्तमान में वह कर्नलगंज के मम्फोर्डगंज में किराये के कमरे में रहता है। साथ ही सिविल लाइंस स्थित एक कोचिंग से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी करता था।
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cyber crime - फोटो : social media
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विस्तार
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कर्नलगंज पुलिस ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो साइबर ठगी करता था। उसने फर्जी सिम के जरिए दूसरे के पेटीएम वॉलेट से 54 हजार रुपये निकाल लिए थे। यही नहीं जालसाजी करते हुए एक अन्य व्यक्ति के निजी डाटा का उपयोग करते हुए 20 हजार का मोबाइल भी फाइनेंस करा लिया था। साइबर सेल की मदद से कर्नलगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पकड़ा गया आरोपी धीरज प्रजापति है जो मूल रूप से लखनीपुर, पट्टी प्रतापगढ़ का रहने वाला है। वर्तमान में वह कर्नलगंज के मम्फोर्डगंज में किराये के कमरे में रहता है। साथ ही सिविल लाइंस स्थित एक कोचिंग से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी करता था। पुलिस ने बताया कि शिवकुटी निवासी हिमांशु पाल ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके पेटीएम वॉलेट से 54 हजार रुपये उड़ा दिए गए। इसी तरह मयंक श्रीवास्तव ने भी मुकदमा लिखाया था। जिसमें बताया था कि उनके बजाज फाइनेंस कार्ड से डाटा चुराकर 20 हजार रुपये का मोबाइल ऑनलाइन फाइनेंस करा लिया गया। आगे पढ़ें...
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शिवकुटी पुलिस की रिपोर्ट पर साइबर सेल के एसआई रणजीत सिंह व अन्य ने जांच शुरू की तो पता चला कि पेटीएम वॉलेट से एसबीआई के जिस खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए, वह धीरज प्रजापति के नाम पर है। इसके बाद साइबर सेल की सूचना पर कर्नलगंज पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पता चला कि  फर्जी तरीके से मोबाइल भी उसने ही फाइनेंस कराया। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


मोबाइल शोरूम में भी करता था काम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि वह कटरा में कारपेंट्री चौराहे के पास एक मोबाइल कंपनी के शोरूम में भी काम करता था। इस दौरान वह मोबाइल फाइनेंस कराने का भी काम करता था। इसके लिए वह लोगों का निजी डाटा लेकर कार्ड जारी कराता था। इसी कार्ड का डाटा वह अपने पास भी सेव कर लेता था। इसी के जरिए उसने शिवकुटी निवासी मयंक के  डाटा का उपयोग करके मोबाइल फाइनेंस कराया था। उसने पूछताछ में यह भी बताया कि वह लखनऊ यूनिवसिर्टी से कंप्यूटर साइंस में बीएससी कर चुका है। 
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