हेड काउंट में यह कैमरे बता देंगे कि किसी चिह्नित स्थान पर निर्धारित किए गए स्थान पर कितने लोगों का आवागमन हुआ। इसी आधार पर श्रद्धालुओं की संख्या का वास्तविक अनुमान लगाया जा सकेगा और भीड़ प्रबंधन किया जाएगा। एसएसपी माघ मेला राजीव नारायण मिश्रा का कहना है कि 2019 कुंभ में इन कैमरों का इस्तेमाल किया जा चुका है। इस बार कुल में से आधे कैमरे एआई तकनीक से लैस हों, इसका निर्णय लिया गया है। यह सभी कैमरे माघ मेला स्थित कमांड सेंटर से सीधे जुड़े होंगे।
1200 से ज्यादा कैमरों से निगरानी
माघ मेला के दौरान पूरे शहर की निगरानी 1200 से ज्यादा कैमरों से होगी। दरअसल, स्मार्ट सिटी के तहत 1147 हाईटेक सर्विलांस कैमरे शहर में पहले ही लगाए गए हैं। जिनके जरिए 24 घंटे निगरानी की जाती है। माघ मेले के दौरान मेला क्षेत्र में भी लगभग 100 कैमरे लगवाए जाएंगे। इस तरह निगरानी के लिए कुल कैमरों की संख्या 1200 से ज्यादा हो जाएगी।
संगम पर बनवाई गई अस्थायी पार्किंग
संगम नोज के पास शनिवार को अस्थायी वाहन पार्किंग भी बनवा दी गई। अभी तक लोग अपने वाहन लेकर घाट तक पहुंच जाते थे जिससे स्नानार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। दो दिन बाद क्रिसमस और फिर एक जनवरी को नए वर्ष के उपलक्ष्य में संगम क्षेत्र में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में एसएसपी मेला ने शनिवार को ही अस्थायी पार्किंग बनवा दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल क्रिसमस पर मेला क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही को लेकर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हालांकि, यातायात का दबाव बढ़ता है तो उसी अनुसार वाहनों को हनुमान मंदिर के पास या हेलीपैड पार्किंग में ही रोकने का निर्णय लिया जा सकता है।