लवकुश के पिता प्रदीप प्रताप पटेल की एक छोटी सी किराने की दुकान है, जबकि मां सुमन देवी सफाईकर्मी के पद पर तैनात हैं। लवकुश ने बताया कि वह यहां तक कड़ी मेहनत व संघर्ष करके पहुंचे हैं। वह अपनी उपलब्धि को माता-पिता की ही देन मानते हैं। पिता प्रदीप और मां सुमन ने भी बेटे की कामयाबी पर कहा कि उनका सपना है कि उनका बेटा भारत के लिए और भी पदक जीते।
अर्जुन ने भी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है। अर्जुन प्रतापगढ़ के हरकपुर गांव के रहने वाले हैं। अर्जुन के पिता सुरेश कुमार किसान और मां शिवदेवी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। अर्जुन ने बताया कि प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनका हौसला और बढ़ गया है। अर्जुन और लवकुश दोनों ही खिलाड़ी भारतीय कबड्डी लीग का हिस्सा बनकर भारत की अंतरराष्ट्रीय टीम तक का सफर तय करने का सपना पाले हुए हैं। दोनों प्रतापगढ़ में कबड्डी कोच अंकुर मौर्य से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।