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फर्जी कॉल लेटर लेकर इंटरव्यू देने पहुंचा युवक

Tue, 24 Jul 2018 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उप्र लोक सेवा आयोग में सोमवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब फर्जी कॉल लेटर लेकर एक युवक पीसीएस-जे का इंटरव्यू देने पहुंच गया। सूचना पर आयोग चौकी पुलिस ने भी युवक से पूछताछ की और उसको छोड़ दिया। आयोग की ओर से तहरीर देकर मामले की विस्तृत जांच की मांग की गई है।  
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लोकसेवा आयोग के बाहर सोमवार की सुबह अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसे लेकर अफसर परेशान थे कि इसी दौरान सामने आए एक मामले ने उनके माथे पर बल ला दिया। यहां पहुंचे सहारनपुर निवासी पुष्पांग तिवारी ने एक कॉल लेटर दिखाते हुए कहा कि वह पीसीएस-जे का इंटरव्यू देने आया है। जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि पुष्पांग के पास कॉल लेटर में 2013 की पीसीएस-जे परीक्षा का जिक्र है। खास बात यह कि इसमें 2013 में आयोग सचिव रहे महेंद्र कुमार के दस्तखत भी बनाए गए थे। हालांकि, अफसरों का कहना है कि गहनता से निरीक्षण करने पर पाया गया कि कॉल लेटर पर किए गए दस्तखत फर्जी थे। साथ ही यह भी पता चला कि किसी ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से युवक को कॉल लेटर भेज दिया। अफसरोें की सूचना पर लोक सेवा आयोग चौकी पुलिस ने भी पुष्पांग से पूछताछ की। इसके बाद उसे जाने दिया गया। शाम को आयोग की ओर से पुलिस को पत्र देकर मामले में विस्तृत जांच की मांग की गई है। सूत्रों का कहना है कि पत्र में यह भी कहा गया है कि युवक के पास फर्जी कॉल लेटर था। ऐसे में जांच कराई जानी चाहिए कि उसे यह कहां से प्राप्त हुआ। जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। सचिव जगदीश का कहना है कि आयोग की ओर से सिविल लाइंस पुलिस को तहरीर देकर विस्तृत जांच की मांग की गई है।

पुलिस के मुताबिक, आयोग अफसरों का कहना है कि युवक जिस 2013 की पीसीएस-जे भर्ती का इंटरव्यू देने पहुंचा था, उसका रिजल्ट घोषित कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी दी जा चुकी है। यह सही है कि इस भर्ती पर हाईकोर्ट की ओर से कुछ समय के लिए स्टे भी लगाया गया था। हालांकि, बाद में स्टे हट गया था और चयन प्रक्रिया पूरी की गई थी।
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प्रकरण में लोकसेवा आयोग चौकी इंचार्ज की कार्यशैली समझ से परे रही। पहले तो वह ऐसे किसी मामले की जानकारी से ही इंकार करते रहे। कुछ देर बाद घटना को तो स्वीकार किया, लेकिन तहरीर मिलने की बात नकारते रहे। आखिर में तहरीर मिलने की बात स्वीकार की, लेकिन यह कहते रहे कि यह किसी की शरारत है। सवाल यह है कि अगर किसी ने फर्जी वेबसाइट के जरिए कॉल लेटर संबंधित युवक को भेजा, तो यह भी बेहद गंभीर मामला है। ऐसे में चौकी इंचार्ज क्यों मामले को छिपाते रहे, यह समझ से परे रहा।


लोक सेवा आयोग की ओर से तहरीर दी गई है। मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि युवक को कॉल लेटर कहां से मिला। -श्रीश्चंद्र, सीओ सिविल लाइंस
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