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यमुना पुल पर जाम, एंबुलेंस में थमी सांस

Mon, 27 Feb 2017 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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ambulance - फोटो : अमर उजाला
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शादीशुदा होनेे के बावजूद विवाहित महिला को भगाकर ले जाना कन्हैया के लिए जानलेवा साबित हो गया। थाने से छूटने पर जहर खाने के बावजूद उसकी जान इलाज से बच सकती थी लेकिन शहर में नए पुल पर लगे जाम में फंसकर उसने दम तोड़ दिया। बेबस भाई ने उसे अपनी आंखों के सामने मौत के मुंह में जाते देखा। वह भाई को दिलासा देता रहा लेकिन मौत ने जाम में फंसी एंबुलेंस में कन्हैया को अपने पंजे में जकड़ लिया। जाम नहीं लगता तो वह बच सकता था। उस ेएंबुलेंस का इंजन बंद हुआ तो शहर के कॉल्विन अस्पताल से आ रही दूसरी एंबुलेंस भी जाम की वजह से पुल पर कन्हैया तक समय पर नहीं पहुंच सकी थी।
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शनिवार रात खीरी थाने सेे निकलने के बाद कुछ दूर पर कन्हैया ने जहर खाया तो भाई अर्जुन ने 108 नंबर पर फोनकर एंबुलेंस बुला ली। एंबुलेंस में उसे पहले निजी चिकित्सालय फिर कोरांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। रात करीब 11 बजे जब अर्जुन सीएचसी पहुंचा तो वहां अंधेरा छाया था। एम्बुलेंस उसे अस्पताल के बाहर छोड़कर चली गई। काफी प्रयास के बाहर निकले स्टाफ ने जहर खाने की वजह हालत गंभीर बताकर एसआरएन अस्पताल रेफर किया अर्जुन ने एंबुलेंस के लिए फोन किया तो पता चला कोरांव सीएचसी की एंबुलेंस खराब है। दो घंटे बाद रात करीब एक बजे मेजा सीएचसी से एंबुलेंस पहुंची। कन्हैया के साथ उसमें परिजन शहर के लिए रवाना हुए। मगर एंबुलेंस नैनी पुल पर जाम में फंस गई।

तभी एंबुलेंस का इंजन बंद हो गया। परिजनों ने उतरकर धक्का लगाया लेकिन वह स्टार्ट नहीं हुई। इस पर एम्बुलेंस चालक ने मोती लाल नेहरू जिला चिकित्सालय (कॉल्विन) से दूसरी एम्बुलेंस मंगाई। इस बीच कन्हैया लाल की सांस टूटने लगी। परिजन रोने बिलखने लगे। कॉल्विन अस्पताल की एम्बुलेंस भी बैरहना के पास जाम में फंस गई। जाम छूटा तो नए यमुना पुल से लेप्रोसी चौराहा होते हुए एम्बुलेंस घूमकर पुल के दूसरे लेन पर पहुंची। मगर तब तक देर हो चुकी थी। कन्हैया लाल ने दम तोड़ दिया था। कीडगंज थाने की पुलिस ने शव कब्जे में लेकर चीरघर भेजा।
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शहर और बाहरी इलाकों में रोज हर तरफ लगने वाला जाम लोगों के लिए भारी मुसीबत बन गया है। काम पर निकले या घर लौट रहे लोग, स्कूली बच्चे, महिलाएं जाम में फंसकर रोज खीझते रहते हैं। गंभीर मरीज को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस भी अक्सर जाम में फंस रही है जिससे मरीज की जान पर बन आती है। पिछले दिनों शास्त्री पुल पर जाम में फंसी एंबुलेंस में एक घायल डॉक्टर की मौत हो गई थी। शनिवार रात जहर खाने वाले कन्हैया के लिए भी यह जाम जानलेवा साबित हो गया। नए पुल पर दो घंटे तक  वह जाम में फंसी एंबुलेंस में तड़पता रहा और आखिरकार चल बसा। ट्रैफिक पुलिस के अफसर दावा करते हैं कि रात-दिन जाम से छुटकारा दिलाने की कोशिश होती है लेकिन नतीजा दिखता नहीं है। शहर में कई सड़कों पर जाम लगता है तो ट्रैफिक पुलिस दिखती भी नहीं है।
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