रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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डॉ. बंसल हत्याकांड में एसटीएफ और क्राइम ब्रांच पहले ही दिन से बदमाश राजा पांडेय को ही प्राइम सस्पेक्ट मानकर जांच कर रही है। बंसल से जुड़े तमाम विवादों पर नजर डालने के बाद पुलिस के शक सुई घूम फिर कर राजा एंड कंपनी आकर टिक जाती है।
डॉ.एके बंसल को जीवन ज्योति अस्पताल में ही राजा पांडेय ने चैंबर घुसकर गोली मारने की धमकी दी थी। डॉ. बंसल की हत्या के बाद सबसे पहले राजा पांडेय का नाम ही पुलिस की जांच में सामने आया था। अस्पताल में भर्ती राजा पांडेय की हालत देखकर पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ नहीं कर पाई है। जिस ढंग से वारदात को अंजाम दिया गया है उससे पुलिस को पूरा यकीन है कि हो न हो कारनामा उसी गैंग का है। दबी जुबान पुलिस अफसरों का भी मानना है कि बंसल के जिन लोगों से विवाद थे वे खुद रसूखदार हैं। इन लोगों का कारोबार से जुड़ा विवाद ही था।
डॉ. बंसल की हत्या से उन्हें इसका कोई सीधा फायदा नहीं मिलने वाला था। अलबत्ता यह तय था कि हाईप्रोफाइल हत्याकांड के चलते पुलिस के चंगुल से भी बचना नामुमकिन हो जाएगा। जिस ढंग से वारदात को अंजाम दिया गया है उससे साफ है कि यह कारनामा किसी सिरफिरे का ही हो सकता है। जिसके पास खोने के लिए कुछ न हो। शूटरों का मकसद सिर्फ डॉक्टर को मारना ही नहीं था। बल्कि यह दिखाना भी था कि चैंबर में घुसकर गोली मारी गई है। यह वारदात राजा पांडेय गैंग पहले भी एसओ हत्याकांड समेत लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस का पूरा फोकस राजा पांडेय गैंग पर है। उसके गैंग में शामिल बदमाशों के मोबाइल नंबर और लोकेशन पर पुलिस की नजर है।
डॉ.बंसल हत्याकांड के शक दायरे में राजा पांडेय के आने के बाद से पुलिस उसके करीबियों की तलाश में लगी है। पुलिस बारा एसओ आरपी द्विवेदी, चेतन सांवला लूटकांड में शामिल बदमाशों को तलाश रही है। सनसनीखेज वारदात के खुलासे में लगी जांच टीम राजा पांडेय गैंग द्वारा अंजाम दी गई वारदातों में शामिल बदमाशों पर नजर रखे हुए है। इस गिरोह के बदमाशों की तलाश में यमुनापार, रीवा, चित्रकूट,सतना, पटना समेत अन्य संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। ज्यादातर बदमाश घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस उनके नंबरों के आधार लोकेशन ट्रेस कर रही है। इस गैंग के अब तक आठ बदमाशों को उठाया है। पुलिस उनसे गहराई से छानबीन कर रही है।