इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रनेता और पांच हजार रुपये के इनामी बदमाश गोंडा निवासी अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला समेत दो बदमाशों को एसटीएफ ने गुरुवार को सारनाथ रेलवे स्टेशन के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि सुमित दो साल पूर्व लखनऊ में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था। तलाशी में उनके पास से एक पिस्टल, एक कट्टा, दो मोबाइल फोन और कारतूस बरामद किया गया है।
लखनऊ के गोमती नगर में वर्ष 2014 में हुए हिस्ट्रीशीटर आशीष मिश्रा एवं रोहित शुक्ला हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था। तब से पुलिस उसे तलाश रही थी। फरारी के दौरान पूर्व छात्रनेता सुमित शुक्ला के खिलाफ कर्नलगंज थाने में एक छात्रनेता को बंधक बनाकर पीटने और हॉस्टल में छात्र पर जानलेवा हमले के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ के इंस्पेक्टर विपिन राय, सुनील वर्मा को गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि सुमित शुक्ला उर्फ अच्चुतानंद शुक्ला अपने साथी विनीत कुुमार सिंह उर्फ गोपी के साथ किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से थाना सारनाथ क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पास मौजूद है।
एसटीएफ ने मौके पर पहुंच गिरफ्तारी का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। सुमित शुक्ला गोंडा के इटियाकोट थाना क्षेत्र के बस्ती रानीपुर का और विनीत कुमार सिंह गाजीपुर के सादात, समता का रहने वाला है। गोंडा का रहने वाला अच्युतानंद शुक्ला उर्फ सुमित शुक्ला इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्र रहा। वह पीसीबी हॉस्टल में रहता था। जुलाई 2012 में उसने उसने वर्चस्व की रंजिश मेें पेशी पर आए एक छात्रनेता पर हमला किया था। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद वह सुर्खियों में आया था। जेल से छूटकर आने के बाद उसने 2013 में दोबारा छात्रनेता अजीत यादव पर हमला किया था।
इस मामले में पुलिस ने उसका पीछा किया तो एसओ शिवकुटी पर फायरिंग करते हुए भाग निकला था। कर्नलगंज थाने में सुमित शुक्ला के खिलाफ जानलेवा हमला, रंगदारी, धमकी, अपहरण के प्रयास समेत संगीन धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। एसटीएफ को पूछताछ में सुमित शुक्ला ने पूछताछ में बताया कि 28 जनवरी 2014 की रात उसने अंकित दूबे और अनुज सिंह के साथ योजना बनाकर पैसे के लेन-देन के विवाद को लेकर लखनऊ के विशाल खंड, गोमती नगर में आशीष मिश्रा के घर में घुसकर उसकी तथा सुल्तानपुर निवासी रोहित शुक्ला की पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी थी।
उक्त घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। इसके अलावा जनपद इलाहाबाद में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीसीबी छात्रावास के कुछ छात्रों पर जानलेवा हमला करने पर उसके खिलाफ थाना कर्नलगंज में मुकदमा दर्ज हुआ था। उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। विनीत ने पूछताछ पर बताया कि 2013 में उसने इलाहाबाद में लड़की से छेड़खानी करने पर उसका विरोध करने वाले व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जिसमें वह नैनी जेल में बंद था। जमानत पर छूटने के बाद वह सुमित शुक्ला के साथ रहकर आपराधिक घटनाओं की अंजाम देता था।