व्हाट्सएप पर एक एसओ होलागढ़ द्वारा घूस लिए जाने का वीडियो वायरल से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वीडियो सही है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। हालांकि मामला गंभीर देख एसएसपी ने जांच बैठा दी है। जबकि एसओ पूरनमासी गौरव का कहना है कि उन्होंने किसी तरह की कोई रिश्वत नहीं ली है।
एसडीएम सोरांव के न्यायालय से 27 जून को मौजा कटरा बनियान मुकुंदपुर के कैलाश चंद्र गुप्ता बनाम ओम प्रकाश मुकदमे में विवादित मकान व जमीन को धारा 146 (1) के अंतर्गत शांति बनाए रखने के लिए विवादित मकान कुर्क करने के आदेश दिए गए थे। एसओ होलागढ़ को आदेश था कि वह विवादित मकान कुर्क करके किसी स्थानीय विश्वसनीय एवं संभ्रांत व्यक्ति की सुपुर्दगी में देंगे। जिसकी आख्या एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे। इसमें कैलाश का आरोप है कि कई बार एसओ होलागढ़ के पास विवादित मकान कुर्क कराने के बारे में जानकारी लेने गए।
हर बार एसओ टालते रहे। इसी सिलसिल में रिश्वत दी गई। कैलाश का कहना है कि वायरल वीडियो में उनकी एसओ से मुलाकात है, जिसमें उसने जेब से दो-दो हजार के पांच नोट निकाले। इनमें से चार नोट पहले दिए। दूसरे हाथ में दो हजार का एक नोट अलग से हाथ में था। बाद में इसे एसओ ने ले लिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला चूंकि एक पुलिस अधिकारी से जुड़ा था, लिहाजा एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने तुरंत जांच बिठा दी। वीडियो का परीक्षण कराया जा रहा है। यह असली है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
उधर, पीड़ित का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने एसडीएम के आदेश के खिलाफ न्यायालय में अपना पक्ष रखा और उन्हें बुधवार को कचहरी न्यायालय से एसडीएम के आदेश के खिलाफ स्थगनादेश मिल गया। इस घटनाक्रम के बाद गुरुवार को कैलाश ने एसएसपी के यहां शिकायती पत्र दिया। जिसमें एसओ के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
‘ होलागढ़ एसओ के बारे में वायर वीडियो मिला है। जिसकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही इस बारे में कोई कार्रवाई की जा सकेगी’ आनंद कुलकर्णी, एसएसपी
‘मैने रिश्वत नहीं ली, एसडीएम की अदालत से विवादित मकान को कुर्क करने के आदेश हुए थे। एसडीएम के आदेश पर अमल होने से पहले गुरुवार को दूसरा पक्ष अदालत से स्टे आर्डर ले आया। इसीलिए कुर्की की कार्रवाई नहीं हो सकी।’ एसओ होलागढ़