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बेखौफ बदमाशों ने पुलिस, आरटीओ कर्मियों पर की फायरिंग

Mon, 02 Apr 2018 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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फायरिंग - फोटो : SELF
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नए यमुना पुल के पास शनिवार रात बेखौफ बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। कार सवार बदमाशों ने पुलिस और आरटीओकर्मियों पर फायरिंग की। हमले में कर्मचारी बाल-बाल बचे। इस दौरान पुलिस ने एक बदमाश को पकड़ लिया जबकि उसके साथी कार लेकर भाग निकले। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। कीडगंज पुलिस उसके साथियों की तलाश में जुटी है।  
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शनिवार रात करीब 11 बजे एसडीएम करछना राजा गणपति आर, सीओ करछना रत्नेश सिंह व एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम रविकांत शुक्ला नए पुल के पास वाहनों की जांच में लगे हुए थे। इसी दौरान रीवां की तरफ से एक ओवरलोड ट्रक आया। इसके पीछे एक स्विफ्ट कार भी चल रही थी। इसमें पांच-छह लोग बैठे हुए थे। इशारा करने पर भी चालक ने ट्रक नहीं रोका तो एआरटीओ और पुलिसकर्मियों ने पीछा कर लिया। ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया गया तो कारसवार युवकों ने कार आगे-पीछे कर व्यवधान पैदा किया। बांगड़ धर्मशाला के पास पहुंचते ही कार से एक युवक उतरा और तमंचे से पुलिस व आरटीओकर्मियों पर फायर झोंक दिया। गनीमत थी कि गोली किसी को नहीं लगी। बदमाश ने एक के बाद एक तीन फायर झोेंके।

पुलिस और प्रशासन की टीम पर फायरिंग की सूचना से हड़कंप मच गया। कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंची। एसआई शेर सिंह और हरगोविंद ने घेराबंदी की तो कार सवार युवक भागने लगे। इस दौरान फायरिंग करने वाला युवक छूट गया, जबकि उसके साथी झूंसी की ओर भाग निकले। उधर, ट्रक लेकर चालक भी भाग निकला। खुद को घिरता देख आरोपी बदमाश बिजली विभाग उपकेंद्र में घुस गया। हालांकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तमंचा व कारतूस भी बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए युवक ने अपना नाम मो. यासीन पुत्र मो. नईम निवासी अकबरपुर, गंगागंज, थाना नवाबगंज बताया। इंस्पेक्टर कीडगंज राजकुमार शर्मा ने बताया कि एआरटीओकर्मी संदीप कुमार पांडेय की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ धमकाने व जानलेवा हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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पुलिस की मानें तो पकड़े गए युवक ने पूछताछ में बताया है कि वह और उसके साथी ओवरलोड वाहनों को पास कराने का ठेका लेते हैं। इसके लिए प्रति गाड़ी उन्हें दो हजार रुपये मिलते हैं। पुलिस ने बताया कि उससे पूछताछ की जा रही है। कार से भागे उसके साथियों और ट्रक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो ओवरलोड वाहनों को पास कराने का काम सुनियोजित ढंग से गिरोह बनाकर किया जा रहा है। इस गिरोह के सदस्यों की तलाश की जा रही है।
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